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अन्नपूर्णा चेरिटेबल एवं आराध्या प्रकाशन द्वारा होली पर आयोजित हुआ हास्य कवि सम्मेलन

कवि सुदेश यादव दिव्य के संयोजन में हुआ भव्य कार्यक्रम
मेरठ। अन्नपूर्णा चैरिटेबल एवं अराध्या प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में होली के अवसर पर अन्नपूर्णा मंदिर के प्रांगण में हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अनिरूद्ध गोयल ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में अतिथि अभिमन्यु वशिष्ठ आर के वैलफेयर ट्रस्ट के प्रतिनिधि ने दीप जलाकर कार्यक्रम को गति दी। कार्यक्रम की विधिवित शुरूआत कवि सुदेश यादव दिव्य ने सरस्वती वंदना से कुछ इस प्रकार की— तेरे चरणों से नहीं दूर मां, पग धूल सा तेरा दास है। स्वर दायनी स्वर साधनी मधु स्वर की मुझको तलाश है। कासगंज से पधारे कवि डा अजय अटल के कहा— नयन में सागर है वरना अश्रु नमकीन नहीं होते, कंठ में करूणा है वरना, गीत गमगीन नहीं होते।
सरधना से पधारे कवि वीरेंद्र अबोध ने सुनाया— मैं फूल बेचता हूं फुटपाथ पर अब भी, कौम का नेता बन गया शराब बेचने वाला। गाजियाबाद से पधारे डा. स्वदेश यादव ने सुनाया- हौसला टूटा बांधने के लिए आया हूं मैं, फूल कांटों में खिलाने के लिए आया हूं मैं।
गाजियाबाद से पधारी कवयित्री डा निवेदिता शर्मा ने सुनाया— खुश्बू सी है कुछ हवाओं में, रंग घुल सा गया फिजाओं में। लौट आया है प्यार का मौसम, फूल खिलते हैं अब निगाहों में। डा सुदेश यादव दिव्य जी ने कहा- तुम्हारे पास गर होते तुम्हें अपना बना लेते, भुलाना तो ना बस में था मगर दिल में बसा लेते। हमारे ख्वाब में भी तुम अगर एक बार आ जाते तुमसे जी भर गले मिलते, और होली मना लेते।
बिजनौर से पधारे ​कवि हुक्का बिजनौरी ने सुनाया— मिलावट के खेल में हम इतना आगे निकल गए, कीड़े मारने की दवा में भी कीड़े पड़ गए। डा ईश्वर चन्द गंभीर ने सुनाया— होली खेलो जम के खेलो लेकिन इतना ध्यान रहे, भैया भी नाराज ना हो भाभी का सम्मान रहे।
इस कार्यक्रम में विशेष सहयोगी "बुक ऑफ लाइफ" के लेखक डा कुमार प्रशांत मानव, आर के वैलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष रजनीश शर्मा और राष्ट्रीय कला रंग भारती के संरक्षक अनिरूद्ध गोयल का रहा। कार्यक्रम में सभी श्रोताओं को डा कुमार प्रशांत मानव द्वारा लिखित "बुक ऑफ लाइफ" व बिल्डिंग ए बेटर फ्यूचर का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अनिरुद्ध गोयल, रवि विश्नोई, अंकित विश्नोई, नितिन कुमार, रजनीश शर्मा, लता बंसल, ​अभिमन्यु वशिष्ठ, अंकुर कौशिक, श्याम सुंदर आदि का सहयोग रहा तथा कार्यक्रम में योगेश मोहन, गिरीश थापर और विवेक रस्तोगी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुदेश यादव दिव्य ने किया व कार्यक्रम की अध्यक्षता डा ईश्वर चंद गंभीर ने की और कार्यक्रम के आयोजक ब्रजभूषण गुप्ता रहे। कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के अध्यक्ष ब्रजभूषण गुप्ता ने सभी कवियों और अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए रंगों के पावन पर्व होली की शुभकामना दी।

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