एनएसएस शिविर में अखंड राष्ट्र संकल्पना दिवस का हुआ आयोजन
बदायूं: आवास विकास स्थित राजकीय महाविद्यालय बदायूं की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विवेकानंद इकाई द्वारा ग्राम नरऊ बुजुर्ग में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर में दो दिन के होली अवकाश के बाद पुनः प्रारम्भ शिविर में तृतीय दिवसको 'अखंड राष्ट्र संकल्पना दिवस' के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजकीय महिला महाविद्यालय घंटाघर के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश कुमार ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के बाद की ऐतिहासिक परिस्थितियों पर प्रकाश डाला। स्वयंसेवियों ने विषय से संबंधित जानकारी को डोर टू डोर सर्वेक्षण कर प्रसारित किया।
डॉ सतीश कुमार ने प्राचीन भारत के गौरवशाली भौगोलिक इतिहास का उल्लेख करते हुए वर्तमान संघर्षों के बल पर अखंड भारत की संकल्पना को साकार करने का भावुक आह्वान किया।
एनएसएस नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार जायसवाल ने मुख्य वक्ता के रूप में बताया कि 22 अक्टूबर 1947 को पाकिस्तानी सैनिकों ने कबायली वेश में जम्मू-कश्मीर पर हमला किया था। इसके जवाब में महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर को राज्य का भारत में विलय कर दिया। युद्धविराम के बाद भी भारत केवल 44 प्रतिशत भूभाग पर काबिज है। उन्होंने जोड़ा कि पाकिस्तान ने 1963 में 5100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र चीन को सौंप दिया। 22 फरवरी 1994 को भारत की संसद ने जम्मू-कश्मीर की हर इंच भूमि वापस लेने का संकल्प पारित किया था, जिसे पूरा करने के लिए सभी को जन जागरण में जुटना होगा।कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सतीश सिंह यादव ने कहा कि आतंकवादियों की धमकियों को नजरअंदाज कर संपूर्ण जम्मू-कश्मीर प्राप्ति के लिए जागृत होना जरूरी है। संकल्प के प्रतीक के रूप में गांव में पौधारोपण किया गया और गगनभेदी नारों के साथ रैली निकाली गई।
कार्यक्रम का संचालन गौसिया ने किया तथा आभार वर्षा सिंह ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर मोहन लाल, रचित शर्मा, पवन, समीक्षा, तमन्ना, अशेष, विपिन, दीक्षा, अंशुल कुमार, अंश, राहुल आदि उपस्थित रहे।