कवियों की प्रस्तुति ने बांधा समा
लालसोट में महामूर्ख सम्मेलन, वीर रस पर बजी तालियां
लालसोट
धुलंडी के मौके पर मंगलवार को शहर के झंरडा चौक पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले महामूर्ख सम्मेलन में स्थानीय कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों के समां बांधा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में आयोजित इस महा मूर्ख सम्मेलन में एक दर्जन से अधिक स्थानीय कवि व साहित्यकारों ने कविता व होली गीतों के माध्यम से करीब 3 घंटे तक लोगों को बांधे रखा, जहां वीर रस के कवियों ने खूब तालियां बटोरी तो होली गीतों के जरिए स्थानीय राजनैतिक घटनाक्रम पर कटाक्ष व व्यंग करते हुए श्रौताओं को हसाते हुए लोट पोट भी कर दिया। समेत कई कवियों ने अपनी रचनाएं पेश की।
सम्मेलन की शुरुआत मालेश्वर महादेव मंडल की प्रस्तुती के साथ हुआ। इसके बाद मुकेश प्रजापत, हंसराज चौधरी, विनीत उपाध्याय, श्याम जांगिड, राजेन्द्र गुप्ता, डॉ. मुरारीलाल सैनी, विजय जांगिड, दामोदर टेलर, श्रवणलाल माली, महेन्द्र साहू, रजनीश जांगिड एवं अभिनव त्रिपाठी समेत कई स्थानीय कवियों ने रचनाएं पेश की। सम्मेलन की शुरुआत में बाबूलाल सेन ने प्रतिवदेन पेश किया, संचालन साहित्यकार रमेश मिश्र ने किया। डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने आभार प्रकट किया। इस दौरान गणगौर हेला ख्याल संगीत दंगल समिति की ओर से ठंडाई का भी वितरण किया गया।