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मोदी को वोट

जिस परिसर में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई

मारा गया, वहाँ एक छोटी सी कार पार्किंग

है। और हाँ, इस कार पार्किंग में बड़े नेता व

अधिकारी की गाड़ियाँ नहीं पार्क होती थीं।

किन्हीं और लोगों की होती थी।

किनकी होती थी? उन्हीं नेताओं-अधिकारियों

के ड्राइवरों व बॉडीगार्ड्स की। यहाँ वो

अपनी निजी गाड़ियाँ पार्क करते थे, फिर

ड्यूटी पर रिपोर्ट करते थे। इसके बाद तो वो

या तो नेताओं-अधिकारियों की बख़्तरबंद

गाड़ियाँ चला रहे होते थे, या फिर उनके साथ

होते थे। अब आप सोच रहे होंगे कि उस

पार्किंग की बात हम क्यों कर रहे हैं। क्योंकि.

.. क्योंकि वहाँ जो कैमरा लगा हुआ था उसे

इज़रायल ने हैक कर रखा था।

और हाँ, उससे भी बड़ी बात। ईरान की

राजधानी तेहरान स्थित अधिकतर ट्रैफिक

कैमरे महीनों पहले हैक किए जा चुके थे

और उनकी डिटेल्स इज़रायल के सर्वरों तक

एन्क्रिप्ट करके पहुँचाई जा रही थी। उससे

क्या होना था? उससे होना ये था कि

अधिकतर शीर्ष नेताओं-अधिकारियों के घर

के पते से लेकर आने-जाने के रास्तों तक का

विवरण मोसाद के पास मौजूद था।

यानी, रियल टाइम डेटा। और, इज़रायल के

लिए ईरानी रियल टाइम डेटा का स्रोत

अकेले ये कैमरे नहीं थे। वहाँ थीं, कुछ और

चीजें भी। ईरान के जिस पास्चर स्ट्रीट में

अधिकतर सरकारी व सुरक्षा परिसर मौजूद

हैं, वहाँ के लगभग एक दर्जन मोबाइल

टॉवरों को बाधित करने की क्षमता इज़रायल

के पास थी। फोन व्यस्त बताता और ख़ामेनेई

तक सूचनाएँ पहुँच ही नहीं पातीं।

आप यूँ समझ लीजिए कि इज़रायल के

अधिकारी तेहरान को उतने ही अच्छे से

जानते-समझते थे, जितना वो येरुशलम को

जानते-समझते हैं। तेहरान की गली-गली को.

.. ये तो पिछले साल तभी दिख गया था जब

कुछ ही मिनटों के अंतराल में इज़रायल ने

ईरान के शीर्ष सैन्य व ख़ुफ़िया अधिकारियों

के अलावा कई परमाणु वैज्ञानिकों को भी

मार गिराया था। इस बार इज़रायल ने सोचा

कि युद्ध शुरू होने के बाद ख़ामेनेई भूमिगत

बंकरों में चला जाएगा, इसीलिए उसे उसके

दफ़्तर में शुरू में ही मार गिराया जाए। अगर

वो बंकर में चला जाता तो फिर बम गिराकर

मारना मुश्किल था।

और हाँ, ख़ामेनेई की उपस्थिति को लेकर

किसी और ने भी जानकारी दी थी, जो वहीं

पर मौजूद था। वो अमेरिका का एसेट था। वो

कौन है, ज्ञात नहीं! सोचिए, इस इज़रायल

और अमेरिका को कौन हरा पाएगा!

जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थी तब वह पुरी के जगन्नाथ मंदिर गई... लेकिन मंदिर के नियमों के अनुसार वहां किसी भी गैर हिंदू का प्रवेश वर्जित है इसलिए प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए भी इंदिरा गांधी को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई और इंदिरा गांधी ने इसका बुरा भी नहीं माना क्योंकि उन्होंने खुद कहा कि एक गैर हिंदू से विवाह करने के कारण अब वह हिंदू नहीं रही।

राजीव गांधी जब भारत के प्रधानमंत्री थे तब वह सोनिया गांधी के साथ नेपाल यात्रा पर गए थे... वहां काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर में सोनिया गांधी को प्रवेश करने नहीं दिया गया क्योंकि सोनिया गांधी गैर हिंदू थी।

भारत वापस आकर राजीव गांधी ने नेपाल की आर्थिक नाकेबंदी कर दी जिससे पूरा नेपाल भुखमरी के कगार पर पहुंच गया... दूध पेट्रोल सब की कमी हो गई और उसी घटना के बाद नेपाल ने भारत पर विश्वास कम करते हुए चीन से नज़दीकियां बढ़ाना शुरू कर दिया।

और आज इनका बेटा राहुल कहता है कि मैं तो कौल ब्राह्मण हूँ और गोत्र है दत्तात्रेय, अपनी तरह जनता को भी पप्पू समझा है क्या।

दो कौड़ी का सड़क छाप संगठन भी मोदी सरकार को निर्देश दे रहा है कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए?

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मोदी सरकार को निर्देश दिया है कि इजरायल के साथ सारे संबंध खत्म करें क्योंकि फिलिस्तीन में रह रहे हमास के मासूम और निर्दोष लोगों का हत्या कर रहा है

मोहम्मद कासिम इलियास ने यह भी कहा कि मोदी जी रूस और यूक्रेन का युद्ध रुकवा दिए हैं, वैसे ही इजरायल और फिलिस्तीन का भी युद्ध रुकवा देना चाहिए

लेकिन उनके बयान से प्रश्न उठता है कि देश में रह रहे मुसलमान मोदी जी का मजाक उड़ाते हैं कि उन्होंने रूस और यूक्रेन का युद्ध रूकवाया है?

फिर तुम मोदी जी से क्यों उम्मीद रखते हो?

तुम मोदी जी को ना वोट देते हो

ना तुम मोदी जी के आस्था में विश्वास रखते हो

ना मोदी जी के किसी पॉलिसी का सम्मान करते हो?

फिर तुम्हारी बात क्यों सुनी जाएगी?

मैं इस पोस्ट के माध्यम से मोदी जी से निवेदन करता हूं, ज्यादा से ज्यादा हथियार इजरायल को युद्ध लड़ने के लिए दीजिए और जरूरत पड़े तो सैन्य मदद भी इजरायल का कीजिए ताकि हमास के इस्लामिक आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाया जा सकें

कुछ लड़कियां सिगरेट या शराब पीते हुए ये कहती हैं कि जब लड़के नशा कर सकते है तो हम क्यों नहीं?

उन्ही लड़कियों से हम कहना चाहते हैं, लड़कों की बुरी आदतें अपना रही हो अच्छी बात है, लेकिन कभी अच्छी आदतें भी अपना लिया करो.

रास्ते में कोई लड़की अगर गाड़ी से गिर जाये तो सबसे पहले लड़के ही उसकी मदद को आगे आते हैं, लेकिन अगर कोई लड़का गिर जाये तो वहां पर मौजूद होने के बावजूद भी कोई भी लड़की उसकी मदद नहीं करती हैं.
लड़कियों को लड़के रास्ते में लिफ्ट दे देते हैं, परंतु लड़कियां लड़कों को कभी भी लिफ्ट नहीं देती हैं.
पुरुष लड़कियों के लिए कैंडल मार्च में बहुतायत में शामिल होते हैं, लेकिन लड़कियां पुरुषों के हक के लिए कभी भी शामिल नहीं होतीं. यदि कोई पुरुष किसी स्त्री द्वारा झूठे आरोपों से प्रताड़ित होता है तो महिलाएं उल्टा उस पुरुष का ही उपहास उड़ाती हैं.
पति अपनी पत्नी को तलाक के बाद भरण-पोषण, गुजारा-भत्ता देता है, क्यों ना पत्नी भी अपनी कमाई में से आधा हिस्सा उसे दिया करे.
भीड़ में जब कोई लड़की किसी लड़के को पीट देती है तो बाकी लोग भी लड़के को ही दोषी मानते हैं, उसी प्रकार जब कोई लड़का किसी लड़की को पीटे तो लड़कियों को चाहिए की वो भी लड़की को पीटें. क्योंकि ये सब काम जब लड़के कर सकते है तो लड़कियां क्यों नहीं?

आधूनिक युग धीरे धीरे होता जा रहा है,

बीकनी और पेंटी मे फंसी भारतीये युवाओं की Daily की 2 GB डाटा ना तो बेरोजगारी का अहसास होने दे रही है और ना उनको शिक्षा की कमी महसूस हो रही ना उनको राष्ट्र की बर्बादी को देखने दे रही है।।

सामाजिक न्याय समानता और अधिकार तो धीरे धीरे कोसों दूर होते जा रहे है एक तरफ धर्म का अंधा माहौल जहां पुरूष बाबा बनकर नंगे घूमे रहे जिनका आध्यात्मिक ज्ञान सामाजिक उदारता से कोई मतलब नही है बस अधंविश्वास और पाखण्ड चर्म पर चढ़ रहा है तो दूसरी और फेमश होने की लगी औरतों की लत जो साडी़,घाघरा,और घूघंट की ओढ़नी को छौड़कर बिकनी और कच्छे तक पहूंच गयी है,

नंगेपन का यह दौर जहां धर्म वालों को लगता है की नागा बाबाओं की वजह से हमारा धर्म मजबूत होगा और औरतों को लगता है की नंगापन हमारी काबिलियत है और हम मजबूत हो रही है,

आज हर तीसरे घर की औरत का बायोडाटा सोशल मिडिया पर मौजूद है की वह कहां जाती है कब सब्जी लेती है किस दूकान से ली कौनसी दूकान से कपडे़ खरीदे कब ससूराल गयी कब पीहर से आई कब किस रिस्तेदार की शादी मे गयी क्या खाया क्या बनाया उनका पति क्या काम करता है कब उनका पति घर से बाहर जाता है कहां जाता है क्या काम करता है उनके घर का माहौल कैसा है परिवार मे कितनी बोलचाल है और यही वजह है की सोशल मिडया पर मिलने वाली प्राईवेट जानकारी के तहत आज अधिकातर अफराध सामान्य बन चुके है और बहूत ही आसान तरीके से अफराध को अन्जाम दिया जाता है,

यदि यह युग ऐसे ही चलता रहा तो रैप,बलात्कार,किडनैप भारत के अदंर तेजी से बढे़गा और अफराधिक दूनिया मे भारत की छवी वैसे भी धूंधली है और आगे अधिक होगी,

इसिलिए सोशल मिडिया पर स्वंय की जानकारी तभी अफलोड करो जब आप वहां जाकर आ चुके हो या उस काम को आपने कर दिया हो क्योंकि आज के समय में दूशमन वह नही है जिनकी दूशमनी समाज या परिवार से है बल्की वह है जो आपकी काबिलियत और आपकी पर्सनल्टी है और ऐसे ही कहीं अफराध और घटना होती आई है जिनके पीछे आपका खुद का बायोडाटा मौजूद रहता है,

घर की औरतों को सोशल मिडिया की फेमशता से दूर रखे जो सामाजिक और नैतिकता की क्रियाशैली से दूर है,,

जो औरतें सभ्य और नैतिक सामाजिक विचारधारा को बढ़ावा दे रही हैं न्याय नैतिकता समानता का उचारण कर आगे बढ़ रही है केवल उन्हीं औरतों को सोशल मीडिया पर Support करें हमारे आस पास बहुत सी महिलाएं है जो किसी न किसी मिशन से जुड़ी हूई है उन महिलाओं का आगे बढ़ाया जाये।।

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