प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का भंडाफोड़, पादरी सहित 12 गिरफ्तार
गदागंज रायबरेली।
रायबरेली जिले के गदागंज थाना क्षेत्र के सुजौली गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर जबरन और प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छापेमारी कर एक महिला और पादरी समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने कैसे हुआ खुलासा?
जानकारी के अनुसार, सुजौली गांव में पिछले कुछ समय से एक मकान के भीतर नियमित रूप से प्रार्थना सभाएं आयोजित की जा रही थीं। बुधवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ कुछ बाहरी व्यक्ति भी वहां मौजूद थे। आरोप है कि सभा के दौरान लोगों को बीमारी ठीक करने का झांसा और आर्थिक सहायता का लालच देकर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
इसकी सूचना मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो वहां से धार्मिक प्रचार-प्रसार से जुड़ी सामग्री और साहित्य बरामद होने की बात कही गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 12 लोगों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।
अमर सिंह (मुख्य आरोपी/पादरी)-फतेहपुर, सुमन (महिला आरोपी)-सुजौली रायबरेली निवासी (जिनके घर सभा हो रही थी),
विजय कुमार-रायबरेली, संजय मौर्य, सलोन रायबरेली, अंकित-लालगंज रायबरेली, सुनील कुमार-डलमऊ रायबरेली,
इसके अलावा 6 अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है।
कानूनी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
लालगंज क्षेत्राधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापेमारी की। मौके से बड़ी मात्रा में धार्मिक साहित्य और अन्य सामग्री बरामद की गई है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन स्थानों से जुड़े हैं।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने गांव में गश्त बढ़ा दी है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।