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जब जनप्रतिनिधि सोए रहे, तो ग्रामीणों ने खुद उठाया फावड़ा और कुदाल....

आमस से दीपक की रिपोर्ट :-
आमस प्रखंड के कशियाडीह मोगराइन रोड की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क पर न तो किसी नेता ने ध्यान दिया और न ही किसी विधायक ने सुध ली। गड्ढों से भरी सड़क पर चलना तक मुश्किल हो गया था।
सबसे ज्यादा परेशानी आने-जाने वाले स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही थी। कई बार छात्र-छात्राएं साइकिल से गिरकर घायल हो चुके हैं। खासकर लड़कियों को कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्ते के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते थे — सड़क तालाब में तब्दील हो जाती थी।
आखिरकार ग्रामीणों ने खुद ही ईंट, पत्थर और मिट्टी डालकर सड़क की मरम्मत शुरू कर दी। मौके पर मौजूद खुमेंद्र कुमार, अमित यादव, संजीत भुईया, राजेश कुमार, सुदर्शन कुमार, निर्भय यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा —
“जब कोई हमारी नहीं सुनता, तो हम खुद अपने बच्चों के भविष्य के लिए खड़े होंगे। सिर्फ चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत देखने कोई नहीं आता।”
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

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