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कोलकाता में डॉ. राजीव कुमार महत्त ‘भारत गौरव अवॉर्ड’ से सम्मानित

कोलकाता की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था महारंग साहित्य परिषद द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रख्यात साहित्यकार डॉ. राजीव कुमार महतवा को “भारत गौरव अवॉर्ड” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय एवं सतत योगदान के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. राजीव कुमार महत्त एक साइलेंट प्रैक्टिशनर के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने बिना किसी प्रचार-प्रसार के साहित्य के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया है। अत्यंत साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर चाय श्रमिक परिवार में जन्मे डॉ. महत्त ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर साहित्य जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है। वे आज राज्य ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी एक सम्मानित नाम बन चुके हैं।
डॉ. महत्त ने अपनी रचनाओं में विशेष रूप से चाय समुदाय और वंचित वर्गों के जीवन, संघर्ष और सामाजिक समस्याओं को सरल और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत किया है। उनकी पुस्तकों ने समाज के उन पहलुओं को सामने लाया है, जिन पर अक्सर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। वे साहित्य को केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सशक्त उपकरण मानते हैं। अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों और अशिक्षा के विरुद्ध उनकी लेखनी एक शांत लेकिन प्रभावशाली आंदोलन का रूप ले चुकी है, जिसने नई पीढ़ी को सोचने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
सम्मान समारोह में कोलकाता के कई जाने-माने साहित्यकार, संगीतकार, शिक्षाविद और बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आयोजन महाबंग साहित्य परिषद चेरीटेबल ट्रस्ट द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन जयदेव भट्टाचार्य ने किया तथा डॉ. श्याम गोस्वामी ने पूरे आयोजन का सफल संचालन किया।
“भारत गौरव अवॉर्ड” प्राप्त करने के बाद डॉ. राजीव कुमार महत्त ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि चाय समुदाय और उन सभी संघर्षशील परिवारों का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और संस्कृति का मार्ग चुना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे साहित्य, शिक्षा और सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज में बदलाव लाने का संकल्प लें।
इस प्रतिष्ठित सम्मान की खबर मिलते ही उनके गृह नगर डिब्रूगढ़ में हर्ष और गर्व का माहौल है। उनके समर्थकों, पाठकों और शुभचिंतकों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया है। सामाजिक संगठनों और शिक्षाविदों ने कहा कि डॉ. महत्त की उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि संसाधनों की कमी प्रतिभा और समर्पण को रोक नहीं सकती।
डॉ. राजीव कुमार महत्त को मिला यह सम्मान न केवल उनकी साहित्यिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं। उनका जीवन और कार्य यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिश्रम और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से किसी भी ऊँचाई को प्राप्त किया जा सकता है।

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