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जानकीपुरम विस्तार सेक्टर–2 में पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुआ होलिका दहन

जानकीपुरम विस्तार के सेक्टर–2 में होली पर्व के उपलक्ष्य में होलिका दहन का कार्यक्रम पारंपरिक विधि-विधान के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। निर्धारित शुभ मुहूर्त पर रात्रि में सेक्टर–2 के पार्क में सभी कॉलोनीवासी एकत्रित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच होलिका दहन की पावन परंपरा का निर्वहन किया।
कार्यक्रम में सेक्टर–2 के सभी निवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। होलिका दहन के पश्चात उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। पूरा वातावरण भक्ति, उल्लास और एकता के रंग में रंगा हुआ दिखाई दिया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक शर्मा जी, सुंदरीयाल जी, लोकेश जोशी जी, धीरज जी, राज तिवारी जी तथा कॉलोनी के अध्यक्ष, सचिव एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

वरिष्ठ विधायक श्री राज तिवारी ने अपने संबोधन में कहा,
“यदि हमें अपने सनातन धर्म और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखना है तो हमें अपने त्योहारों में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभानी होगी। होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था और संस्कृति की पहचान है।”

श्री सुंदर्याल जी ने कहा,
“होलिका दहन एकता और अखंडता का प्रतीक है। यह पर्व हमें धार्मिक समरसता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश देता है। सभी सनातन धर्मावलंबियों को आगे आकर इस पावन पर्व को सामूहिक रूप से मनाना चाहिए।”

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने यह भी बताया कि होलिका दहन का आध्यात्मिक संदेश है—अपने भीतर की ईर्ष्या, घमंड और बुराइयों को अग्नि में समर्पित कर आत्मशुद्धि करना तथा प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक जीवन की नई शुरुआत करना।
🌸 होलिका दहन पर प्रेरक उद्धरण 🌸
“होलिका की अग्नि में जलें हर बुराई, जीवन में खिले प्रेम और अच्छाई।”
“ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार को त्यागें, प्रेम और भाईचारे के रंग से जीवन सजाएं।”
“होलिका दहन हमें सिखाता है—असत्य पर सत्य की, अधर्म पर धर्म की विजय।”
“आइए, इस पावन अग्नि के समक्ष संकल्प लें कि समाज में एकता और सद्भाव को सदा बनाए रखेंगे।”
कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं आपसी शुभकामनाओं के आदान-प्रदान के साथ हुआ। सेक्टर–2 का यह आयोजन सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक गौरव का अनुपम उदाहरण बनकर सामने आया।

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