रिपोर्टर आशीष कुमार ,
पुलिस के हत्थे चढ़ी फर्जी महिला दरोगा फर्जी दरोगा बनकर झाड़ रही थी रौब वर्दी के पीछे छिपी थी ठगी की बड़ी कहानी।
बेगूसराय जिले में पुलिस ने एक ऐसी महिला को गिरफ्तार किया है जो फर्जी दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) बनकर न केवल आम लोगों को ठग रही थी, बल्कि पुलिस महकमे की छवि को भी धूमिल कर रही थी। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के 'बड़ी एघु' इलाके से गिरफ्तार इस महिला के पास से पुलिस की वर्दी, फर्जी आईकार्ड और नेमप्लेट बरामद की गई है।
किराएदार बनकर रह रही थी 'नकली दरोगा' पकड़ी गई महिला की पहचान मटिहानी थाना क्षेत्र के खोरमपुर निवासी कजोमा कुमारी (27 वर्ष) के रूप में हुई है, जो खुद को 'निशु कुमारी' बताकर लोगों पर रौब झाड़ती थी। आरोपी महिला बड़ी एघु निवासी कैलाश साह के मकान में किराए पर रह रही थी। उसने मकान मालिक को बताया था कि वह बेगूसराय कोर्ट में दरोगा के पद पर तैनात है और उसका पति सेना (Army) में है।
ऐसे हुआ भंडाफोड़ महिला की गतिविधियां संदिग्ध होने और समय पर किराया न देने के कारण स्थानीय लोगों को उस पर शक हुआ। वह अक्सर पुलिस वर्दी पहनकर बाहर निकलती थी और खुद को रसूखदार बताती थी। जब कुछ लोग उसके पास अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुँचे, तो उसने 'पैरवी' और 'जांच' के नाम पर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए। शक गहराने पर लोगों ने डायल-112 को सूचना दी, जिसके बाद मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजय शंकर ने टीम के साथ मौके पर पहुँचकर उसे धर दबोचा।
बरामदगी और ठगी का खुलासा पुलिस की तलाशी में महिला के पास से निम्नलिखित चीजें मिली हैं:
पुलिस की पूरी वर्दी (सितारों के साथ)
'निशु कुमारी' के नाम का फर्जी नेमप्लेट और आईकार्ड
ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन
पूछताछ में पता चला कि वह अब तक 5 से 7 लोगों से करीब एक लाख रुपये से अधिक की ठगी कर चुकी है। वह विभाग में ऊंची पहुंच का झांसा देकर लोगों से काम कराने के बदले मोटी रकम वसूलती थी।
पुलिस का बयान सदर एसडीपीओ (SDPO) आनंद कुमार पाण्डेय ने बताया कि "आरोपी युवती निशु कुमारी के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रही थी। वह निजी लाभ और लोगों पर प्रभाव जमाने के लिए पुलिस की वर्दी का गलत इस्तेमाल कर रही थी। उसके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अवैध वसूली की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।"