logo
Select Language
Hindi
Bengali
Tamil
Telugu
Marathi
Gujarati
Kannada
Malayalam
Punjabi
Urdu
Oriya

"होली का त्योहार नहीं, स्त्रियों की बली का त्योहार है"

हमारे देश में यह होली का पवित्र त्योहार मनाया जाता है, परन्तु वास्तविकता यह है कि स्त्रियों की हत्या का शोक दिवस है,जिसे वर्चस्व वाली पुरुष समाज ने होलिका दिवस के रूप में थोप दिया,इस भारतीय समाज में जो घोर निंदनीय है।यह त्योहार स्त्रियों की बली पर आधारित है। मैंने अनेक पुस्तकें पढ़ी हैं, जिनमें यही बताया गया है कि एक स्त्री को कुछ असामाजिक तत्वों ने अधमरा करके उसे जिंदा जला दिया था,तभी से यह होलिका दहन की गंदी एवं घिघोगिनी प्रथा अनवरत रूप से चली आ रही है,जो भारतीय समाज के लिए एक कलंक है।इसे समाप्त होनी चाहिए।

8
72 views

Comment