वैश्विक राजनीति में एकध्रुवीय वर्चस्व और मीडिया की भूमिका
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य एक गंभीर और चिंताजनक दिशा की ओर संकेत कर रहा है। शीतयुद्ध के बाद जिस विश्व व्यवस्था को बहुपक्षीय सहयोग, अंतरराष्ट्रीय कानून और संस्थागत संतुलन पर आधारित बताया गया था, वह व्यवहार में एकध्रुवीय शक्ति-प्रदर्शन का रूप लेती जा रही है। आज स्थिति यह प्रतीत होती है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नैतिकता और नियमों की जगह शक्ति ने ले ली है।
बीते दो दशकों में हमने देखा है कि किस प्रकार “लोकतंत्र की स्थापना”, “राष्ट्रीय सुरक्षा” या “मानवीय हस्तक्षेप” जैसे तर्कों के आधार पर संप्रभु देशों की राजनीतिक संरचनाओं को अस्थिर किया गया। इराक और अफ़ग़ानिस्तान जैसे देशों में प्रत्यक्ष सैन्य हस्तक्षेप ने राज्य व्यवस्था को कमजोर किया, जबकि वेनेज़ुएला जैसे देशों में आर्थिक प्रतिबंधों और राजनीतिक दबावों ने जनता के जीवन को गहरे संकट में डाल दिया। इन सभी उदाहरणों में सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को हुआ।
यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करती है। संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय मंच मौजूद तो हैं, पर निर्णायक क्षणों में वे अक्सर प्रभावहीन दिखाई देते हैं। जब वैश्विक व्यवस्था में शक्ति का संतुलन अत्यधिक असमान हो जाता है, तब नियम केवल औपचारिक दस्तावेज़ बनकर रह जाते हैं।
ऐसे समय में मीडिया की जिम्मेदारी केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं रह सकती। मीडिया का दायित्व है कि वह सत्ता के केंद्रों से सवाल पूछे, हस्तक्षेप के पीछे के वास्तविक उद्देश्यों को उजागर करे और वैश्विक जनमत को तथ्यात्मक व संतुलित जानकारी प्रदान करे। यदि मीडिया चुप रहता है, तो एकतरफ़ा शक्ति का यह मॉडल धीरे-धीरे “सामान्य” मान लिया जाएगा।
AIMA – All India Media Association का स्पष्ट मत है कि पत्रकारिता का मूल उद्देश्य सत्ता के साथ खड़ा होना नहीं, बल्कि सत्य और जनहित के साथ खड़ा होना है। एक स्वतंत्र, निर्भीक और जिम्मेदार मीडिया ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर न्याय, शांति और नियम-आधारित व्यवस्था की मांग को जीवित रख सकता है।
आज आवश्यकता इस बात की है कि मीडिया संस्थान, पत्रकार संगठन और स्वतंत्र पत्रकार मिलकर यह संदेश दें कि वैश्विक राजनीति “जिसकी लाठी उसकी भैंस” के सिद्धांत पर नहीं चल सकती। यदि दुनिया को सुरक्षित और स्थिर बनाना है, तो शक्ति को जवाबदेही के दायरे में लाना ही होगा।
✍️ हरिदयाल तिवारी
Executive Member
AIMA – All India Media Association