नगर पालिका परिषद खुरई द्वारा होली पर्व को स्वच्छ, सुरक्षित एवं पर्यावरण अनुकूल रूप में मनाने की दिशा में एक अभिनव पहल
खुरई 2 मार्च// नगर के विभिन्न मंदिरों से प्रतिदिन निकलने वाले पूजा-अर्चना में उपयोग किए गए फूलों को एकत्रित कर उनसे हर्बल गुलाल तैयार किया जा रहा है, जिसे आम नागरिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
नगर पालिका का यह प्रयास “होली के रंग, स्वच्छता के संग” अभियान के अंतर्गत नगर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
संग्रहित फूलों को प्राकृतिक विधि से छाया में सुखाकर, स्वच्छ प्रक्रिया के माध्यम से पीसकर प्राकृतिक रंग तैयार किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के रासायनिक तत्वों का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे यह गुलाल पूर्णतः त्वचा के अनुकूल एवं पर्यावरण सुरक्षित है।
नगर पालिका प्रशासन को विश्वास है कि नागरिकों के सहयोग से यह अभियान सफल होगा और खुरई नगर स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का आदर्श उदाहरण बनेगा।
इसके अलावा नगर पालिका की आईईसी के समन्वयक श्री अरूण नागौर के नेतृत्व में आईईसी टीम सदस्यों द्वारा घर-घर संपर्क कर लोगों को स्वच्छ होली मनाने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर भी जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं।
सीएमओ श्री राजेश मेहतेले ने कहा कि नगर पालिका का उद्देश्य है कि होली जैसे पारंपरिक त्योहार को प्रकृति संरक्षण और स्वच्छता के संदेश के साथ मनाया जाए। रासायनिक रंगों से होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं एवं जल प्रदूषण को रोकने के लिए हर्बल गुलाल का उपयोग एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि मंदिरों से निकलने वाले फूलों का पुनः उपयोग कर ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा को भी साकार किया जा रहा है।
इस होली प्राकृतिक एवं हर्बल रंगों का उपयोग करें, पानी की अनावश्यक बर्बादी से बचें तथा स्वच्छता बनाए रखें। साथ ही, होलिका दहन में पर्यावरण अनुकूल सामग्री का प्रयोग कर हरित एवं स्वच्छ खुरई के संकल्प को मजबूत करें।