मुझे ऐसा लगता है कि शायद इस बार अमेरिका और इजराइल ने Impact analysis सही से नहीं किया...
मुझे ऐसा लगता है कि शायद इस बार अमेरिका और इजराइल ने Impact analysis सही से नहीं किया... या फिर कुछ महीने पहले किये attacks को ध्यान मे रखते हुए miscalculate कर लिया है.
खामीनेई की मृत्यु के बाद इरान को इराक, लिबिया, या Venezuela की तरह सरेंडर करने की आशा करने वालों को Reality Check करना चाहिए. इरान इतनी आसानी से शांत नहीं होने वाला है.....और इस बार तो पहले कुछ घंटो मे अमेरिका और इजराइल ने इरान के Threshold को तोड़ दिया है
इरान की धार्मिक, राजनैतिक, और मिलिट्री लीडरशिप ख़त्म हो गई है... और नई लीडरशिप भी तैयार हो गई है..... और इस बार इरान की तरफ से Negotiations का scope ही खत्म हो गया है.
अब आगे क्या होगा?
Regime Change इन हालातो मे होना मुश्किल है..... क्यूंकि कहीं ना कहीं खामीनेई की मौत ने वहां की आर्मी और धार्मिक ताकतो को मजबूत का दिया है..... कुछ हजार लोग इरान मे इस घटना पर ख़ुशी मना रहे हैं.... लेकिन जब देश पर संकट आता है... तो अमूमन बड़ी जनसंख्या बाहरी शक्तियों के विरोध मे एकजुट हो जाती है.
इरान अब पूरी तरह से बेकाबू है.... और यही कारण है कि आस पास के सभी देशों पर हमला कर रहा है. इरान के पास Drone का बहुत बड़ा जखीरा है..... मिसाइल भी खूब हैं.
इसका यही अर्थ है, कि आने वाले दिनों मे भी आस पास के देशों मे हमले लगातार होते रहेंगे.... दुबई, अबू धाबी, मसकट, दोहा, शारजाह, सऊदी, ओमान, इराक आदि पर हमले जारी रहेंगे.
और इन हमलों से केवल जानमाल का नुकसान ही नहीं होगा.... इरान एक मनोवैज्ञानिक लड़ाई भी लड़ रहा है... इरान तो बर्बाद हो ही रहा है..... लेकिन वह आस पास के इलाकों को भी असुरक्षित कर देगा... जिसका प्रभाव वहां की economies, टूरिज्म और लोगों के मनोबल पर पड़ेगा.
इरान जिस हिसाब से चल रहा है... जल्दी ही वह Strait of Hormuz और Bab el-Mandeb को किसी ना किसी स्तर पर Choke कर देगा.
यहाँ से दुनिया का लगभग 40% तेल गैस का movement होता है.... यह लड़ाई अगर कुछ हफ्ते भी चली तो पूरी दुनिया मे महंगाई बेतहाशा बढ़ने वाली है.... क्यूंकि पूरी supply chain ही Unstable हो जायेगी.
अब अमेरिका इजराइल को सोचना है... कि ऐसा क्या किया जाए कि इरान को निष्क्रिय किया जा सके. इरान को Venezuela या इराक समझना बहुत बड़ी भूल होगी... और इसके बेहद गंभीर परिणाम पूरी दुनिया भुगतेगी.
अभी तो इन सभी देशों को जैसे तैसे इस लड़ाई को हफ्ते भर मे ख़त्म करने का प्रयास करना चाहिए.... उससे ज्यादा बढ़ने पर हाहाकार मचना तय है.