विधायक एवं राइजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच बना राजनीतिक गठबंधन गंभीर संकट से गुजर रहा है :-
विधायक एवं राइजोर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच बना राजनीतिक गठबंधन गंभीर संकट से गुजर रहा है और इसके टूटने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों को “अच्छा संकेत नहीं” बताते हुए कहा कि हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने विपक्षी एकता की विश्वसनीयता और स्थायित्व पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। गोगोई के इस बयान को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर ऐसे समय में जब विपक्ष भाजपा के खिलाफ एकजुट मोर्चा बनाने की कोशिश कर रहा है।अखिल गोगोई ने घोषणा की है कि वे आज दोपहर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे। माना जा रहा है कि इस संवाददाता सम्मेलन में वे गठबंधन की वर्तमान स्थिति, मतभेदों के कारणों और आगे की रणनीति पर खुलकर चर्चा कर सकते हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यदि गठबंधन औपचारिक रूप से समाप्त होता है, तो इससे आगामी चुनावों के समीकरणों में बड़ा बदलाव आ सकता है। सीट बंटवारे, साझा कार्यक्रम और संयुक्त अभियान जैसे मुद्दों पर भी इसका सीधा असर पड़ेगा।राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विपक्षी दलों के बीच दरार की स्थिति सत्तारूढ़ दल को लाभ पहुंचा सकती है, जबकि विपक्ष के लिए यह चुनौतीपूर्ण परिस्थिति साबित हो सकती है। राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम ने नई हलचल पैदा कर दी है और विभिन्न दलों के भीतर बैठकों तथा रणनीतिक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। असम की बदलती राजनीतिक दिशा के संदर्भ में इसे एक संभावित निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जिसके दूरगामी परिणाम सामने आ सकते हैं।