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रिफाइनरी मजदूर संघर्ष के समर्थन में 5 मजदूरों - कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ जिला सचिवालय पर विरोध प्रदर्शन



पानीपत, 2 मार्च ( निर्मल सिंह ) : इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड , पानीपत रिफाइनरी में अपनी जायज़ मांगों को लेकर ठेका मजदूरों के लिए जारी संघर्ष को दबाने हेतु लगातार दमनकारी हथकंडे अपना रहे हैं। विगत 28 फरवरी को मजदूरों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आंदोलन का समर्थन करने पहुंचे 'मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान' (मासा) से जुड़े 2 कार्यकर्ताओं (अनिरुद्ध और हर्षित) तथा 3 मजदूरों को गिरफ्तार कर लिया।

आज 2 मार्च को पानीपत लघु सचिवालय परिसर में मासा द्वारा रिफाइनरी मजदूरों के संघर्ष और मांगों के समर्थन में, तथा गिरफ्तार व्यक्तियों की रिहाई के लिए विरोध प्रदर्शन का आयोजन हुआ। प्रदर्शन में इंकलाबी मजदूर केंद्र से मुन्ना प्रसाद, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन से करनैल सिंह, मजदूर एकता केंद्र से दिनेश, आवामी एकता मंच से संजय, मजदूर संघर्ष संगठन से मोहित ने वक्तव्य रखा, तथा साथी पाल सिंह ने सभा का संचालन किया। ग्रामीण मजदूर यूनियन बिहार, सी एस टी यू, बिहार निर्माण व असंगठित श्रमिक यूनियन, एवं बिगुल मजदूर दस्ता के साथी, तथा राजनीतिक कार्यकर्ता सिद्धांत, सौजन्य, आकांक्षा भी प्रदर्शन में शामिल रहे।

वक्ताओं ने कहा कि एक ओर प्रबंधन मजदूरों से बातचीत कर समस्या के समाधान का दिखावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर मजदूरों की मुख्य मांग—मजदूरी में बढ़ोतरी—को मानने से साफ इनकार कर रहा है। कंपनी और ठेकेदारों के मुनाफे की रक्षा करने के लिए ही प्रशासन मजदूरों के आंदोलन पर दमन कर रहा है। ज्ञात है कि पांचों गिरफ्तार व्यक्तियों की जमानत नहीं देकर न्यूनतम 5 मार्च तक के लिए पानीपत जेल भेज दिया गया है।

संगठनों ने भाजपा सरकार, आईओसीएल प्रबंधन तथा पानीपत प्रशासन के मजदूर-विरोधी रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली यह सरकार एक ओर मजदूरों से आधे वेतन पर 12-12 घंटे काम कराए जाने पर मौन है और दूसरी ओर श्रम कानूनों का लगातार उल्लंघन करने वाले दोषी प्रबंधन व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उल्टे मजदूरों को ही गिरफ्तार कर रही है। संगठनों ने स्पष्ट कहा है कि यदि मोदी सरकार और प्रबंधन इस प्रकार के दमनकारी तरीकों से मजदूर आंदोलन को दबाने की कोशिश करेंगे, तो मजदूर इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।

प्रदर्शन के दौरान मासा और सीटू के एक संयुक्त प्रतिनिधि मंडल ने SDM तथा SP के साथ बैठक कर उन्हें ज्ञापन सौंपा, जिसमें संघर्षरत श्रमिकों की जायज़ मांगों की पूर्ति एवं गिरफ्तार कार्यकर्ताओं व मजदूरों की रिहाई की मांग पर त्वरित उचित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। SDM और SP ने गिरफ्तार साथियों की जमानत पर आज ही रिहाई कर देने का आश्वासन दिया है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल थे मासा से खीमानंद, फूलसिंह, सोमनाथ, तथा सीटू से जयभगवान, सुनील दत्त, सुरेंद्र मलिक।

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