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पटना में 2.25 करोड़ की साइबर ठगी: खुद को पीड़ित बताकर FIR कराने पहुंचा आरोपी गिरफ्तार..

पटना में शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 2 करोड़ 25 लाख रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि आरोपी खुद को पीड़ित बताकर साइबर थाने में फर्जी एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच में उसका भंडाफोड़ हो गया और उसे थाने से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान दानापुर निवासी 21 वर्षीय विकास कुमार विपुल के रूप में हुई है। जांच में खुलासा हुआ कि वह ‘इंडिया बोल्ट प्लस’ समेत कई फर्जी निवेश ऐप बनाकर लोगों को जाल में फंसाता था।
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ठगी
आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताता था और कम समय में दोगुना-तीन गुना मुनाफा दिलाने का दावा करता था। शुरुआत में वह छोटी रकम पर फर्जी मुनाफा दिखाकर विश्वास जीतता, फिर बड़ी रकम निवेश कराने के लिए दबाव बनाता था।
इसी तरह उसने एक बड़े कारोबारी को अपने झांसे में लेकर करीब डेढ़ महीने में 30 ट्रांजेक्शन के जरिए लगभग 2.25 करोड़ रुपये आरटीजीएस से ट्रांसफर करा लिए।
5 फरवरी को दर्ज हुआ मामला
पीड़ित कारोबारी राजकिशोर कुमार सिंह ने 5 फरवरी को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। जब उन्होंने मुनाफे की राशि वापस मांगी और शिकायत की चेतावनी दी, तो आरोपी ने बचने के लिए खुद को ठगी का शिकार बताकर फर्जी केस दर्ज कराने की कोशिश की।
हालांकि, साइबर सेल को पहले से मिली शिकायतों और डिजिटल ट्रांजेक्शन के आधार पर संदेह हुआ। मोबाइल नंबर, बैंक खातों और ऑनलाइन लेन-देन की तकनीकी जांच में स्पष्ट हो गया कि वही युवक पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड है।
साइबर डीएसपी का खुलासा
साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारियां ने बताया कि आरोपी संगठित तरीके से फर्जी निवेश ग्रुप चलाता था। नकली डैशबोर्ड, स्क्रीनशॉट और बनावटी मुनाफे के आंकड़े दिखाकर लोगों को फंसाया जाता था।
पुलिस को गिरोह में अन्य सदस्यों की भी संलिप्तता की आशंका है। बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल के आधार पर नेटवर्क खंगाला जा रहा है।
आरोपी न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद विकास कुमार विपुल को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। उसके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
43 लाख की ठगी में 4 गिरफ्तार
इसी बीच, 43 लाख रुपये की एक अन्य साइबर ठगी मामले में भी पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर थाना कांड संख्या 53/26 में दर्ज मामले की जांच के दौरान एक आरोपी को वैशाली से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह भी शेयर बाजार में निवेश कर रकम बढ़ाने का लालच देकर लोगों को ठगता था।
पुलिस की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे ऊंचे मुनाफे के झांसे में न आएं। निवेश से पहले संबंधित कंपनी और व्यक्ति की पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध लिंक, ऐप या ग्रुप से सावधान रहें और ठगी की आशंका होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।
पटना पुलिस की सतर्कता से करोड़ों की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा हुआ है।

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