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Bihar के सरकारी स्कूलों की बड़ी लापरवाही..

4 लाख से अधिक छात्रों की पोशाक–साइकिल योजना पर संकट
पटना: Bihar के सरकारी स्कूलों की सुस्ती अब लाखों छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ सकती है। कक्षा 1 से 10 तक के 4 लाख से अधिक बच्चों के नाम, पिता के नाम, आधार संख्या समेत अन्य जरूरी ब्योरे में गलतियां अब तक नहीं सुधारी जा सकी हैं। यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो ये छात्र पोशाक, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
28 फरवरी थी अंतिम तिथि
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर डाटा सुधारने के लिए शनिवार (28 फरवरी) तक अंतिम मौका दिया गया था।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक Vikram Virkar ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (योजना एवं लेखा) को समय पर त्रुटि सुधारने के निर्देश दिए थे।
लाखों ब्योरे में गड़बड़ी
2025-26 सत्र: 2.52 लाख से अधिक विद्यालयों के डाटा में त्रुटियां
2024-25 सत्र: 2 लाख से अधिक छात्रों के ब्योरे गलत
75% उपस्थिति वाले
18,95,270 (सत्र 2025-26)
19,84,214 (सत्र 2024-25)
छात्रों के डाटा में सुधार किया जाना था।
25 फरवरी तक:
2025-26 सत्र के 86.65%
2024-25 सत्र के 90.28%
ब्योरे सुधारे गए हैं।
बाकी बचे मामलों में लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
पटना में सबसे ज्यादा लंबित सुधार
राजधानी पटना के कई प्रखंडों में अब भी बड़ी संख्या में डाटा सुधार लंबित है:
पटना सदर शहरी-1 – 747
खुसरूपुर – 1298
पंडारक – 1262
पालीगंज – 1095
मनेर – 999
योजनाओं पर सीधा असर
यदि बच्चों के आधार और अन्य ब्योरे सही नहीं किए गए, तो उन्हें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के तहत मिलने वाली राशि नहीं मिल पाएगी। इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।
शिक्षा विभाग ने जिलों को स्पष्ट कर दिया है कि शेष त्रुटियों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी।

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