होली सादगी से मनाएं- उमेश निराला
रंगों का त्यौहार है आया, खुशियों की सौगात है लाया,
पर सादगी की राह पकड़कर, हमने उत्सव आज सजाया ।
न पानी की हो बर्बादी, ना रंगों की हो भरमार,
थोड़ा सा गुलाल लगा लें ,बस इतना ही प्यार अपार।
ढोलक की मीठी थाप बजे, मन में उमंगें खिल जाएं।
मीठी बोली की फुहारों से, रिश्ते फिर से मिल जाएं।
न शोर शराबा ,न हो हानि, न किसी को हो तकलीफ,
हंसी खुशी से गले मिलें हम, मिट जाए हर एक खीझ।
पेड़ों ,पशुओं का भी ध्यान, स्वच्छ रहे आंगन- गली,
प्रकृति संग मिलकर मनाएं, रंगों की यह पवन होली।
सादगी में है सच्ची खुशियां, प्रेम हो सबसे बड़ा रंग,
आओ मिलकर शपथ उठाएं, होली हो सुंदर और उमंग।
*उमेश निराला*
```आरपीसीजे उच्च माध्यमिक विद्यालय बेलवरघाट, गोरौल ( वैशाली)।```