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झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक से गांजा बरामद 20 साल से बिना डिग्री चला रहा था अवैध अस्पताल सील

झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक से गांजा बरामद: 20 साल से बिना डिग्री चला रहा था अवैध अस्पताल सील , नोटिस जारी


राजस्व विभाग, स्वास्थ विभाग और पुलिस की टीम ने किया कार्यवाही ।

पलारी। झोला छाप डॉक्टर के क्लिनिक में एक गर्भवती नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उस झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक को सील कर दिया जो पिछले 20 सालों से बिना किसी मेडिकल डिग्री के अवैध रूप से अस्पताल चला रहा था। राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने की गई इस कार्रवाई में क्लिनिक से भारी मात्रा में दवाइयां, प्रेग्नेंसी किट और चार-पांच पुड़िया गांजा बरामद हुआ है। इस पूरी कार्रवाई से इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।

दो बार क्लिनिक पहुंची, दूसरी बार लौटी ही नहीं

पूरा मामला पलारी थाना क्षेत्र के ग्राम छेरकाडीह जारा का है। यहां की रहने वाली 25 वर्षीय गर्भवती इंदु साहू, पत्नी अजय साहू, को हल्की सर्दी-खांसी की शिकायत हुई। इलाज के लिए वह गुरुवार सुबह गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर जयंत साहू के क्लिनिक पहुंची। परिजनों के मुताबिक, उस वक्त डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था, जिससे इंदु वापस घर लौट गई। कुछ घंटों बाद जब उसे डॉक्टर के लौटने की सूचना मिली तो वह दोबारा क्लिनिक गई। यह उसकी जिंदगी की आखिरी यात्रा साबित हुई।

डॉक्टर के पास पहुंची इंदु की 20 मिनट बाद तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दवा लेने के कुछ ही देर बाद उसके पूरे शरीर पर खून के दाग उभर आए और उसने वहीं दम तोड़ दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बहुत चालाकी से झोला छाप डॉक्टर ने सबूत नष्ट करने न पीएम होने दिया और नहीं थाने में रिपोर्ट और रात में ही महिला का अंतिम संस्कार करा दिया गया ।

क्लिनिक पर छापा: दवाइयों संग गांजा बरामद

गर्भवती महिला की झोला छाप डॉक्टर के क्लिनिक में मौत की खबर प्रकाशित होते ही एसडीएम दीपक निकुंज पलारी और जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश अवस्थी के निर्देश पर नायब तहसीलदार पंकज बघेल और बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के नेतृत्व में राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जब आरोपी जयंत साहू के क्लिनिक का निरीक्षण किया तो वहां से चौंकाने वाले खुलासे हुए।

क्लिनिक से भारी मात्रा में दवाइयां, प्रेग्नेंसी किट और सबसे सनसनीखेज - चार-पांच पुड़िया गांजा बरामद हुआ। यह सवाल उठता है कि आखिर एक डॉक्टर के क्लिनिक में गांजा क्यों मिला? क्या मरीजों को नशीली दवाइयां भी दी जा रही थीं? प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे क्लिनिक को सील कर दिया।

20 साल से बिना डिग्री चल रहा था अस्पताल

जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि जयंत साहू के पास कोई मेडिकल डिग्री या लाइसेंस नहीं है। वह पिछले दो दशकों से बिना किसी योग्यता के अवैध रूप से अस्पताल चला रहा था। हैरान करने वाली बात यह है कि वह वह सभी दवाइयां इस्तेमाल कर रहा था जो केवल डिग्रीधारी डॉक्टर ही लिख और उपयोग कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं का इलाज करना और उनकी प्रेग्नेंसी किट रखना यह बताता है कि वह संवेदनशील मरीजों के साथ भी खतरनाक प्रयोग कर रहा था।


नायब तहसीलदार पंकज बघेल संडी ने बताया, "हमने मौके से बड़ी मात्रा में अवैध दवाइयां, प्रेग्नेंसी किट और गांजा जब्त किया है। क्लिनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है कि वह किस आधार पर पिछले 20 सालों से बिना डिग्री के अस्पताल चला रहा था और इन दवाइयों का उपयोग क्यों कर रहा था। उसके पास कोई डिग्री नहीं पाई गई है।

बीएमओ ने की कार्रवाई की पुष्टि

बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा ने पूरे मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "यह एक गंभीर मामला है। हमारी जांच में पाया गया है कि आरोपी जयंत साहू के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है। वह पूरी तरह से अवैधानिक रूप से क्लिनिक चला रहा था। यह क्लिनिक इस तरह का था जैसे कोई डिग्रीधारी डॉक्टर चलाता है, लेकिन इसे चलाने वाले के पास कोई योग्यता नहीं थी। सबसे खतरनाक बात यह है कि वह ऐसी दवाइयों का उपयोग कर रहा था जो केवल प्रशिक्षित और डिग्रीधारी डॉक्टर ही उपयोग कर सकते हैं। एक गर्भवती महिला की मौत की घटना पर जांच करने आए थे हमने आरोपी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। क्लिनिक को सील कर दिया गया है और दवाइयों के साथ-साथ गांजा भी जब्त कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है।"

झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप

प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे इलाके के झोलाछाप डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है। कई अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे लोगों ने अपने क्लिनिक बंद करने शुरू कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी। एक ग्रामीण ने कहा, "यहां ऐसे झोलाछाप डॉक्टर हैं जो बिना डिग्री के मरीजों की जान से खेल रहे हैं। प्रशासन को ऐसे सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।"

फिलहाल क्लिनिक को सील कर दिया गया है और आरोपी जयंत साहू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और जल्द ही आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। यह कार्रवाई इलाके के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों के लिए भी सख्त चेतावनी है कि अब प्रशासन ऐसे अवैध क्लीनिकों के खिलाफ सख्ती से पेश आएगा।

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