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शांति समिति बैठक में प्रमुख पक्षों को नहीं मिला आमंत्रण, सरसींवा में उठा पारदर्शिता पर सवाल

चित्रसेन घृतलहरे, AIMA MEDIA//सरसींवा (सारंगढ़–बिलाईगढ़):- होली पर्व से पूर्व कानून-व्यवस्था और सामाजिक समरसता बनाए रखने के उद्देश्य से आयोजित शांति समिति की बैठक अब विवादों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा बुलाई गई इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के कई प्रमुख पक्षों—पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं—को आमंत्रण ही नहीं दिया गया, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।

पत्रकार, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता रहे बैठक से बाहर

जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत सरसींवा के कई निर्वाचित प्रतिनिधि, क्षेत्र के अधिकांश पत्रकार, भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता और सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता बैठक में उपस्थित नहीं थे। संबंधित पक्षों का कहना है कि उन्हें बैठक की कोई सूचना नहीं मिली, जिसके कारण वे शामिल नहीं हो पाए।

समावेशी सहभागिता के बिना शांति स्थापना अधूरी – पक्षों की प्रतिक्रिया

जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों ने कहा कि शांति समिति सिर्फ औपचारिक बैठक नहीं होती, बल्कि सामाजिक संतुलन और भरोसे को मजबूत करने का अहम मंच है। ऐसे में प्रमुख वर्गों को बैठक से बाहर रखना संवाद प्रक्रिया को कमजोर करता है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसे जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा बताते हुए कहा कि होली जैसे संवेदनशील पर्व पर सभी हितधारकों की सहभागिता आवश्यक होती है, ताकि संभावित विवादों को पहले से ही समझकर समाधान निकाला जा सके।

प्रशासनिक पारदर्शिता पर उठे सवाल

नगर पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि स्थानीय निकाय के निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना ऐसी बैठक आयोजित करना उचित नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भविष्य में सभी वर्गों को समान रूप से सूचना देने की मांग की है, ताकि सामाजिक सद्भाव और सुरक्षा व्यवस्था दोनों मजबूत रह सकें।

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