स्कूल ट्विनिंग के तहत शैक्षणिक आदान-प्रदान : बड़ी नाकी से बारी आदर्श तक प्रेरक यात्रा
स्कूल ट्विनिंग के तहत शैक्षणिक आदान-प्रदान : बड़ी नाकी से बारी आदर्श तक प्रेरक यात्रा
सन्हौला (भागलपुर), 28 फरवरी 2026
स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम के अंतर्गत उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बड़ी नाकी के कक्षा 9 से 12 तक के 50 छात्र-छात्राएँ एक बस से सन्हौला स्थित पीएम श्री विद्यालय बारी आदर्श उच्च विद्यालय पहुँचे। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य दोनों विद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग, संसाधन साझा करना तथा विद्यार्थियों में अनुभवात्मक अधिगम को बढ़ावा देना था।
विद्यालय पहुँचने पर छात्रों ने संयुक्त चेतना सत्र में भाग लिया, जहाँ अनुशासन, लक्ष्य निर्धारण और राष्ट्रीय मूल्यों पर संवाद हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों ने प्रधानाध्यापक कक्ष, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, जिम रूम तथा विशाल खेल मैदान का भ्रमण किया। स्मार्ट क्लास की डिजिटल व्यवस्था और प्रयोगशाला की सुव्यवस्थित संरचना ने छात्रों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
बारी आदर्श उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार भारती एवं वहाँ के शिक्षकों ने पूरी आत्मीयता के साथ सहयोग प्रदान किया। बड़ी नाकी विद्यालय से प्रधानाध्यापक मो. इम्तियाज आलम के साथ शिक्षक संतोष कुमार शर्मा, सुशांत दुबे, ललन कुमार, मोनालिसा सिन्हा एवं किरण कुमारी भी उपस्थित रहे।
🎓 विद्यार्थियों के अनुभव
कई छात्रों ने बताया कि पहली बार उन्होंने इतने व्यवस्थित रूप में स्मार्ट क्लास और जिम रूम देखा।
विज्ञान के विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला उपकरणों की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की।
पुस्तकालय भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संदर्भ पुस्तकों और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित सामग्री में विशेष रुचि दिखाई।
संयुक्त संवाद सत्र में छात्रों ने अपने विद्यालय की गतिविधियों को साझा किया, जिससे पारस्परिक समझ और आत्मविश्वास में वृद्धि हुई।
प्रधानाध्यापक मो. इम्तियाज आलम ने कहा कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं संतोष कुमार भारती ने भविष्य में संयुक्त शैक्षणिक परियोजनाएँ संचालित करने की सहमति व्यक्त की।
✍️ समग्र प्रभाव
यह स्कूल ट्विनिंग कार्यक्रम केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि सीखने-सिखाने की साझी पहल साबित हुआ। इससे छात्रों को बेहतर संसाधनों का अवलोकन करने, संवाद कौशल विकसित करने और नई संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
ऐसी पहलें निश्चित रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार और विद्यालयों के बीच स्वस्थ सहयोग को मजबूत करेंगी।