शाहपुर पटोरी के आंगन में खिला "धुरंधरों का हुनर" ।
शाहपुर पटोरी (समस्तीपुर) : कल शाम जब शाहपुर पटोरी के ए.एन.डी. कॉलेज का परिसर "चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना..." की धुनों से गूँज रहा था, तो हर आँख नम थी और हर दिल गर्व से भरा था। **पटोरी फाउंडेशन** के तत्वावधान में बालिकाओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर आयोजित "हम हैं धुरंधर" कार्यक्रम ने न केवल सांस्कृतिक छटा बिखेरी, बल्कि यह साबित कर दिया कि प्रतिभा सुविधाओं की नहीं, बल्कि संघर्ष और लगान की मोहताज होती है।
अतुलनीय नेतृत्व और समर्पण
इस भव्य आयोजन की सफलता के पीछे पटोरी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अतुल त्रिवेदी की दूरगामी सोच और सामाजिक सरोकार की भावना रही। समाज सेवा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहने वाले श्री त्रिवेदी ने पटोरी के बच्चों को वह मंच प्रदान किया, जो अक्सर केवल महानगरों तक सीमित रह जाता है।
जब मंच पर उमड़ा 'लघु भारत'
पटोरी अनुमंडल के तीनों प्रखंडों के लगभग 120 विद्यालयों के बच्चों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। राजस्थान से आए कलाकारों ने जब "तराजू डांस" , घूमर और कालबेलिया की प्रस्तुति दी, तो ऐसा लगा मानो राजस्थान की मरुधरा बिहार की उर्वर भूमि से मिलन करने आई हो। फूलों वाली होली ने तो दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
महफ़िल में कार्यक्रम की चमक को दोगुना करने में कई दिग्गजों और नन्हे कलाकारों का योगदान रहा:
- उद्घोषणा का जादू:-दिल्ली से आईं FM Gold की RJ राजश्री त्रिवेदी और वर्तमान में मिलकिया चक पोखर के प्रधान शिक्षक "इंतखाब सर" ने अपनी ओजस्वी वाणी से पूरे कार्यक्रम में प्राण फूंक दिए।
- संगीतमय शाम:-समस्तीपुर विमेंस कॉलेज की छात्रा "कोमल" ने 'कजरा मोहब्बत वाला' गाकर समां बांध दिया, तो "अनुज सर" के 'बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो' और श्री नंदलाल राम सर व इंतखाब सर के 'मेरे देश प्रेमियों' ने देशभक्ति का जज्बा बुलंद कर दिया।
- परिश्रम का फल:-शिक्षिका श्रीमती मीरा कुमारी के मार्गदर्शन में बच्चों की मेहनत मंच पर साफ झलक रही थी।
जहाँ एक ओर देश में कला और खेल के लिए बड़े-बड़े मंत्रालय हैं, वहीं बिहार के इन सुदूर गांवों के बच्चों ने दिखाया कि बिना मूलभूत सुविधाओं के भी, केवल शिक्षकों के मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के दम पर वे दूसरे राज्यों के कलाकारों को टक्कर दे सकते हैं।
आंचल, शबनम, लक्ष्मी, बिट्टू, मनीष, अमित, कन्हैया, ब्यूटी, प्रियंका, आशी राज, सोनी, शिवानी, और दिव्या जैसे नन्हे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
"यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन सपनों की उड़ान थी जो अक्सर संसाधनों के अभाव में दम तोड़ देते हैं। पटोरी फाउंडेशन ने इन सपनों को पंख दिए हैं।"
मनीष सिंह
शाहपुर पटोरी
@ManishSingh_PT