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प्रशासन की घोर लापरवाही से गई युवक की जान: कोल्ड स्टोरेज और मटर प्लांट के केमिकल युक्त पानी से हुआ हादसा, 'गौशाला' के नाम पर गोवंश को भी परोसा

मटर प्लांट व कोल्ड स्टोरेजों के केमिकल युक्त पानी से फिसली बाइक, युवक की दर्दनाक मौत
सब-हेडिंग: * 'गौशाला अनुबंध' की आड़ में गोवंश को भी परोसा जा रहा सोलेनिन युक्त 'जहरीला आलू'
NGT के आदेश और SDM की जांच रिपोर्ट को ताक पर रखकर प्रदूषण बोर्ड दे रहा क्लीन चिट
आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम-सीडीओ से गैर-इरादतन हत्या व पशु क्रूरता की FIR की उठाई मांग
आगरा/खंदौली (संवाददाता)।
विकासखंड खंदौली के अंतर्गत हाथरस रोड स्थित पोइया चौराहे से नंदलालपुर के बीच व्याप्त भयंकर प्रदूषण और विभागीय अनदेखी ने आखिरकार एक निर्दोष युवक की जान ले ली। गुरुवार शाम मटर प्लांट और स्थानीय कोल्ड स्टोरेजों से सड़क पर बहाए जा रहे 'केमिकल युक्त और चिकनाई भरे पानी' में फिसलने से एक्टिवा सवार एक युवक को पीछे से आ रहे आलू भरे ट्रैक्टर ने कुचल दिया। मृतक की शिनाख्त हरिओम शर्मा (पुत्र श्री सुरेश चंद्र शर्मा, निवासी वैदेही, सादाबाद) के रूप में हुई है। इस दर्दनाक घटना के बाद से चंद्रभान सिंह, राघवेन्द्र सिंह, सावित्री देवी और मनीष चौहान सहित समस्त क्षेत्रीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह महज एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन और कारखानों की मिलीभगत से हुई 'गैर-इरादतन हत्या' है। ग्रामीणों ने दस्तावेजों के साथ इस पूरे खूनी सिंडिकेट और एक बड़े 'गौशाला घोटाले' का पर्दाफाश किया है।
कागजों में गौशाला जा रहा आलू, SDM को सड़क पर मिला:
ग्रामीणों ने बताया कि NGT (राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण) के सख्त आदेश हैं कि कोल्ड स्टोरेज से निकलने वाले सड़े-गले आलू का वैज्ञानिक तरीके से 'कम्पोस्ट' (खाद) बनाया जाए। लेकिन शिवांग, टीकाराम, अग्रवाल और अन्य शीतगृहों ने कम्पोस्ट प्लांट लगाने के बजाय, 'हसनपुर गौशाला' के साथ एक कागजी अनुबंध कर लिया है। एत्मादपुर एसडीएम की 6 फरवरी 2026 की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि शिवांग और टीकाराम कोल्ड स्टोरेज से महज 500 मीटर दूर सेंट सोफिया स्कूल और खेतों के पास भारी मात्रा में सड़ा आलू खुले में डंप किया जा रहा है।
गोवंश को दिया जा रहा 'धीमा जहर':
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) ने एसडीएम की रिपोर्ट को दरकिनार कर, इसी गौशाला अनुबंध को ढाल बनाते हुए इन प्रतिष्ठानों को यह कहकर क्लीन चिट दे दी कि वे 'हरा व कटपीस आलू' गौशाला भेज रहे हैं। पशु चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, हरे आलू में 'सोलेनिन' (Solanine) नामक खतरनाक जहर होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गोवंश को यह जहरीला आलू खिलाना 'पशु क्रूरता निवारण अधिनियम' के तहत सीधे-सीधे गोवंश की हत्या का षड्यंत्र है।
प्रदूषण बोर्ड की भूमिका संदिग्ध:
इस पूरे मामले में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। जो बोर्ड 22 नवम्बर 2025 को टीकाराम और शिवांग को खुले में डंपिंग करने पर बंदी (Closure Notice) की चेतावनी दे रहा था, उसी ने मात्र दो महीने बाद 12 फरवरी को बिना किसी कम्पोस्ट प्लांट के इन्हें क्लीन चिट थमा दी।
गैर-इरादतन हत्या की दर्ज हो FIR:
सड़क पर केमिकल युक्त पानी बहाने से हुई हरिओम शर्मा की मौत और गोवंश को जहरीला आलू खिलाने के मामले में मनीष चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी (CDO) और जिलाधिकारी को साक्ष्यों सहित परिवाद सौंपा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क पर मौत का पानी बहाने वाले मटर प्लांट और शीतगृह संचालकों पर गैर-इरादतन हत्या की FIR दर्ज नहीं हुई और गौशाला के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों के लाइसेंस निरस्त नहीं हुए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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