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प्रयागराज में 11 दिव्यांग बेटियों के सामूहिक विवाह से पूर्व हल्दी एवं संगीत संध्या का भव्य शुभारंभ....


11 दिव्यांगजन बेटियों के सामूहिक विवाह समारोह से पूर्व आयोजित हल्दी रश्म एवं संगीत संध्या का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह कार्यक्रम बैंक रोड स्थित राजर्षि टंडन सेवा केंद्र में आयोजित किया गया।
उक्त आयोजन लोकसेवक मंडल, शेरवानी चैरिटेबल ट्रस्ट, अखिल भारतीय महिला परिषद (शहर शाखा) तथा अनाम स्नेह परिवार के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का उद्घाटन *बतौर मुख्य अतिथि माननीय न्यायमूर्ति अनिल कुमार जी ने दीप प्रज्वलित कर किया।* शुभारंभ के उपरांत श्रीमती रश्मी सिंह, श्रीमती कांती दीक्षित, श्रीमती यमुनोत्री गुप्ता, श्रीमती कांता चोपडा, डॉ सविता राठी, डॉ सुधा पाण्डेय, श्रीमती मधू यादव, श्रीमती प्रीती रानी, श्रीमती प्रेमलता शुक्ला आदि दिव्यांग वधुओं को *हल्दी का उबटन लगाकर विधिवत हल्दी-मेहंदी की रस्म की शुरुआत की*। इस भावनात्मक क्षण में पूरा पंडाल मंगलगीतों और तालियों की गूंज से भर उठा।
अपने प्रेरणादायी संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि यह *आयोजन केवल सहायता प्रदान करने का प्रयास नहीं, बल्कि दिव्यांग बेटियों को सक्षमता प्रदान करने का सशक्त अभियान है।* उन्होंने कहा— *यह पहल दया या सहानुभूति की नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सम्मान की है। यहाँ केवल विवाह ही नहीं, बल्कि रोजगार के माध्यम से जीवन को स्थायित्व देने का कार्य भी किया जा रहा है। यही सच्चा सामाजिक उत्थान है।”*
उन्होंने आगे कहा कि शारीरिक अक्षमताओं के बावजूद आशा स्कूल एवं भविनी वेलफेयर के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम अत्यंत सराहनीय हैं और यह सिद्ध करते हैं कि *प्रतिभा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती।*
मुख्य अतिथि ने कार्यक्रम के संयोजक श्रीनारायण यादव जी की सराहना करते हुए कहा—
*श्रीनारायण यादव जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची सेवा के लिए केवल दृढ़ संकल्प और करुणा की आवश्यकता होती है शारीरिक सीमाएँ नहीं।*
*उनका यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा का दीप है, जो अनगिनत जीवनों में आशा की रोशनी फैलाएगा।”*
उन्होंने समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति से अपील की कि वे दूसरों को सक्षम बनाने में सहयोग करें। *किसी व्यक्ति को समर्थ बनाना ही सच्चा मानव धर्म है।* ऐसे सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर के कार्यों के लिए उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आयोजकों को साधुवाद दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये *राजकुमार चोपड़ा (राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकसेवक मंडल) ने कहा कि दिव्यांग बेटियों के सम्मानपूर्ण विवाह को सामाजिक उत्तरदायित्व की अनुकरणीय पहल बताया।*
कार्यक्रम के आरम्भ मे स्वागत एवं रूपरेखा वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीमती सुभाष राठी ने प्रस्तुत की, मंच संचालन लोकसेवक मंडल के सचिव एवं शिक्षाविद ब्रह्माप्रकाश त्रिपाठी ने किया तथा अंत में कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण आशा स्कूल के दिव्यांग बच्चों द्वारा प्रस्तुत राम, सीता और लक्ष्मण की मनोहारी झांकी रही। साथ ही भविनी वेलफेयर के दिव्यांग बच्चों ने भी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर कार्यक्रम को भावनात्मक ऊँचाई प्रदान की।
हल्दी एवं संगीत संध्या में पारंपरिक रस्मों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उल्लासपूर्ण सहभागिता के बीच अत्यंत भावनात्मक वातावरण बना रहा। *प्रोफेसर अवनीश चंद्र मिश्र ने अपने सम्बोधन मे कहा कि यह *आयोजन सामाजिक समरसता, सक्षमता और राष्ट्रीय भावना का जीवंत उदाहरण* बनकर उभरा।
कार्यक्रम मे बरिष्ठ अधिवक्ता आर के राजू नई दिल्ली,विष्णु कांत मिश्र, रीता यजमानी, सु श्री अनुराधा,कॉमरेड मनोज कुमार पाण्डेय, अनिल कुमार नीलू, अंजू जायसवाल, अंजली वर्मा, आभा मिश्रा, कमला देवी, निशा गुप्ता, पी एल यादव,जावेद सिद्दकी, लक्ष्मी केशरवानी, डॉ रचना अग्रवाल, सुकती माथुर, सरोज जायसवाल, फूलचंद यादव,घनश्याम मास्टर,दीपचंद, अनंत कुमार चौधरी, अर्पित, चंदन, गुड्डू पंडित, सुलोचना, लवलेश सिंह, सुरजीत, राहुल बनर्जी, कुशल, सुनील चंद्र श्रीवास्तव,दूधनाथ, साजिद,आदि हजारों शहर के नर नारी शामिल रहे l

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