परासिया हादसे से सबक: जुन्नारदेव में अब नहीं दोहराई जाए ऐसी त्रासदी
Parasia के पंचवेली कॉलेज रोड गेट के सामने हुए भीषण सड़क हादसे में पॉलिटेक्निक छात्र की दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार वाहन की टक्कर इतनी गंभीर थी कि युवक को बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में शोक के साथ-साथ आक्रोश भी देखा गया। लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि समय रहते स्पीड ब्रेकर और यातायात नियंत्रण के उपाय किए गए होते, तो शायद यह जान बच सकती थी।
अब सवाल यह है कि क्या हम इस घटना से सबक लेंगे?
जुन्नारदेव में भी कई स्थान हादसा-प्रवण
Junnardeo शहर में भी कई ऐसे स्थान हैं जहाँ—
स्कूल–कॉलेज के सामने वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं
मुख्य बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक नियंत्रण के पर्याप्त साधन नहीं
कुछ कॉलोनी और चौक-चौराहों पर स्पीड ब्रेकर का अभाव
रात में पर्याप्त संकेतक (रिफ्लेक्टर/चेतावनी बोर्ड) नहीं
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो परासिया जैसी घटना यहाँ भी दोहराई जा सकती है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग
स्थानीय नागरिकों की ओर से मांग उठ रही है कि:
शहर के संवेदनशील स्थानों का सर्वे कराया जाए
स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बाजार क्षेत्र के सामने मानक अनुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं
चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टिव साइन लगाए जाएं
नियमित ट्रैफिक चेकिंग और स्पीड कंट्रोल अभियान चलाया जाए
नागरिकों की भी जिम्मेदारी
सिर्फ प्रशासन ही नहीं, आम नागरिकों को भी जागरूक होना होगा—
ओवरस्पीडिंग से बचें
हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें
नाबालिगों को वाहन न चलाने दें
सड़क पार करते समय सतर्क रहें
एक पल की लापरवाही किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल सकती है।
यह खबर सिर्फ सूचना नहीं, चेतावनी है
परासिया में हुई यह दुखद घटना पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है। यदि आज कदम नहीं उठाए गए, तो कल कोई और परिवार शोक में डूब सकता है।
जुन्नारदेव के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को मिलकर पहल करनी होगी ताकि शहर में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में किसी मासूम की जान यूँ सड़क पर न जाए।
“सुरक्षित सड़क — सुरक्षित जीवन”
अब वक्त है कार्रवाई का, सिर्फ संवेदना का नहीं।