संघर्ष से सृजन तक : हाई स्कूल तिलौथू ने लिखा नवाचार का स्वर्णिम अध्याय
संघर्ष से सृजन तक : हाई स्कूल तिलौथू ने लिखा नवाचार का स्वर्णिम अध्याय
संवाददाता, शशांक केतन की रिपोर्ट -
तिलौथू ,(रोहतास) उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलौथू के छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, तकनीक और लोकतांत्रिक समझ का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए पहली बार बिहार विधान सभा की कार्यवाही का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण केंद्र में पहुँचकर विद्यार्थियों ने शासन प्रक्रिया को नजदीक से समझा और यह अनुभव किया कि सरकारी विद्यालय के छात्र भी बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य मैकू राम के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें शिक्षक रवि रंजन कुमार, नूतन पाण्डेय, नीतू यादव, सुमित मिश्रा कुमार एवं मिथलेश कुमार पासवान विद्यार्थियों के साथ उपस्थित रहे। भ्रमण में आयुष कुमार, पवन कुमार, अभिषेक दुबे, कौशल कुमार, हिमांशु कुमार, सुधांशु कुमार, हर्षिता कुमारी, अनु कुमारी, नीतू कुमारी, गोल्डी कुमारी, रिधिमा कुमारी, खुशी कुमारी एवं श्रेया कुमारी सहित कई छात्र-छात्राएँ शामिल थे। बता दें कि विद्यालय के स्पेस लैब में विद्यार्थियों ने थ्री-डी प्रिंटिंग तकनीक से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर तैयार की, जिसे बिहार विधान परिषद के सभापति एवं विद्यालय कार्यक्रमी समिति के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेंट किया गया। वही मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। साथ ही सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि बच्चों की प्रतिभा और विद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास से शिक्षा का नया उदाहरण स्थापित हुआ है।उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री के आप्त सचिव शैलेन्द्र ओझा, जो स्वयं इसी विद्यालय के पूर्व छात्र रहे हैं, ने कहा कि विद्यालय ने तकनीक आधारित शिक्षा के माध्यम से अपनी पुरानी पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों द्वारा आधुनिक तकनीक के उपयोग को बिहार के उज्ज्वल भविष्य का संकेत बताया। विधान पार्षद जीवन कुमार ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी विद्यालयों में भी तकनीकी शिक्षा प्रभावी रूप से लागू की जा सकती है।प्रगति यात्रा के दौरान शिक्षा विभाग के पूर्व अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ को भी विद्यार्थियों द्वारा थ्री-डी प्रिंटिंग से निर्मित उनकी तस्वीर भेंट की गई थी। उन्होंने विद्यालय को विशेष शुभकामना संदेश एवं प्रशंसा-पत्र भेजते हुए इसे बदलती शैक्षणिक व्यवस्था का सकारात्मक उदाहरण बताया।वर्ष 2025 में आयोजित विज्ञान एवं स्पेस कार्यक्रम में इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, अहमदाबाद के निदेशक नीलेश एम. देसाई सहित वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने विद्यालय का दौरा किया था। उन्होंने विद्यार्थियों की वैज्ञानिक जिज्ञासा और प्रधानाचार्य मैकू राम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक पहल बताया। बता दें कि हाई स्कूल तिलौथू की यह उपलब्धि केवल एक समाचार नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। समर्पित नेतृत्व, प्रतिबद्ध शिक्षक और जिज्ञासु विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयास से शिक्षा, विज्ञान और आत्मविश्वास की नई कहानी लिखी जा रही है।
शशांक केतन