पाकिस्तान–अफगानिस्तान सीमा पर बढ़ा तनाव, दोनों देशों के बीच हमले–पलटवार के दावे
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। दोनों पड़ोसी देशों के बीच गोलीबारी और हवाई हमलों के दावों ने क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। हालिया घटनाक्रम के बाद दोनों तरफ से भारी नुकसान पहुंचाने के दावे किए जा रहे हैं, हालांकि कई दावों की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
22 फरवरी के हमले के बाद बढ़ा विवाद :
बताया जा रहा है कि 22 फरवरी को पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में कथित टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) के ठिकानों को निशाना बनाकर हमला किया गया था। इसी कार्रवाई के बाद अफगानिस्तान ने जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी थी। गुरुवार देर रात अफगान तालिबान की ओर से जवाबी कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आईं, जिसके बाद सीमा पर गोलीबारी तेज हो गई।
हवाई हमलों और विमान गिराने के दावे :
अफगान मीडिया, विशेषकर TOLOnews की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान एयर फोर्स के लड़ाकू विमानों ने नंगरहार प्रांत में हवाई हमले किए। स्थानीय सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया गया कि पाकिस्तानी विमान अफगान हवाई क्षेत्र में घुसे, जिनमें से एक को अफगान सुरक्षा बलों ने मार गिराया। हालांकि इस दावे की अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अफगान पक्ष का कहना है कि काबुल, कंधार और पक्तिया सहित कई इलाकों में बमबारी की गई, लेकिन बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं की गई है।
दोनों ओर से भारी नुकसान के दावे :
अफगानिस्तान ने दावा किया है कि उसकी जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसे पहले अफगान तालिबान की ओर से ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई की।
पाकिस्तान का यह भी दावा है कि उसकी एयरस्ट्राइक में अफगानिस्तान में 130 से अधिक लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। साथ ही कुछ सैन्य ठिकानों को नष्ट करने का भी दावा किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
स्थिति बेहद संवेदनशील :
दोनों देशों के बीच बढ़ता यह टकराव क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल सीमा पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और तनाव चरम पर है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर भी इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है।