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*सहारनपुर में भड़काऊ बयानबाज़ी पर विवाद, सौहार्दपूर्ण माहौल को लेकर उठे गंभीर सवाल*
सहारनपुर। जनपद में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में कथित रूप से एक व्यक्ति द्वारा मुस्लिम समुदाय और मस्जिदों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ किए जाने का आरोप है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस प्रकार की बयानबाज़ी से शहर की सामाजिक समरसता और भाईचारे पर असर पड़ सकता है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि जिस दौरान यह टिप्पणी की गई, उस समय पुलिस प्रशासन भी मौके पर मौजूद था। ऐसे में आमजन के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रदेश की “जीरो टॉलरेंस” नीति का अनुपालन सभी मामलों में समान रूप से किया जा रहा है।
सामाजिक संगठनों और नागरिक मंचों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ भड़काऊ या आपत्तिजनक बयान देना कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए हानिकारक हो सकता है। उन्होंने आग्रह किया है कि यदि वीडियो की सत्यता प्रमाणित होती है, तो संबंधित धाराओं में उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या सार्वजनिक मंच से दिए गए बयान की जांच प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जाती है। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। फिलहाल संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता, समय, स्थान और परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
जनपद के बुद्धिजीवियों का मानना है कि सहारनपुर ऐतिहासिक रूप से गंगा-जमुनी तहज़ीब और सांप्रदायिक सौहार्द के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में किसी भी प्रकार की उत्तेजक या विभाजनकारी गतिविधि को बढ़ावा देना सामाजिक हित में नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और प्रशासन से पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।
स्थिति पर प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
गुलशन
ब्यूरो चीफ दैनिक आशंका बुलेटिन सहारनपुर