प्रतापगढ़ जनपद के मानधाता थाना क्षेत्र के शोभीपुर गांव में पांच वर्षीय मासूम आयशा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत
प्रतापगढ़ जनपद के मानधाता थाना क्षेत्र के शोभीपुर गांव में पांच वर्षीय मासूम आयशा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। बच्ची की मां ने सौतेली मां पर गला दबाकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयशा के पिता नियाजुद्दीन पेशे से वाहन चालक हैं। करीब चार वर्ष पूर्व उनका अपनी पहली पत्नी आसमां बानों से तलाक हो गया था। तलाक के बाद आसमां बानों अपनी एक वर्षीय बेटी आयशा को लेकर नगर कोतवाली क्षेत्र के दहिलामऊ स्थित मायके में रहने लगी थीं।
इस बीच नियाजुद्दीन ने अपने ही गांव की रहने वाली साबिया बानों से दूसरी शादी कर ली। दूसरी पत्नी से उनके तीन बच्चे भी हैं और परिवार शोभीपुर गांव में ही रह रहा था।परिजनों का कहना है कि तलाक के बावजूद नियाजुद्दीन का अपनी पहली पत्नी से संपर्क बना हुआ था। लगभग एक सप्ताह पहले वह आसमां के मायके गया और आयशा को दादी से मिलवाने की बात कहकर अपने साथ गांव ले आया। मां ने विश्वास कर बच्ची को भेज दिया, लेकिन उन्हें अंदेशा नहीं था कि यह मुलाकात आखिरी साबित होगी।
घटना के दिन गुरुवार को नियाजुद्दीन वाहन लेकर घर से बाहर गया हुआ था। शाम करीब पांच बजे घर की छत पर आयशा का शव संदिग्ध हालत में पड़ा मिला। बच्ची की मौत की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई।
आसपास के लोग मौके पर जुट गए। सूचना मिलने पर आयशा की मां आसमां बानों अपने पिता के साथ शोभीपुर पहुंचीं। उन्होंने सौतेली मां पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी बेटी की गला दबाकर हत्या की गई है।मां का आरोप है कि सौतेली मां को आयशा की मौजूदगी पसंद नहीं थी और इसी रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई।
हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना प्रभारी अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। यदि किसी की संलिप्तता पाई जाती है तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।मासूम आयशा की संदिग्ध मौत से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
ग्रामीणों का कहना है कि सच सामने आना चाहिए और दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे इस दर्दनाक घटना की असल वजह उजागर हो सके।