प्रबंधन विभाग में पूर्व छात्रा मिलन समारोह आयोजित।
खानपुर कलां -27 फरवरी। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय खानपुर कलां के प्रबंधन अध्ययन विभाग, में पूर्व छात्रा मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. अंशु ने की । कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. कृष्ण कुमार (एलुमनी समन्वयक) द्वारा किया गया। प्रो अंशु ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पूर्व छात्राओं एवं वर्तमान छात्राओं के मध्य संबंधों को सुदृढ़ करना तथा आपसी संवाद, अधिगम एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन हेतु एक मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम में छह पूर्व छात्राओं ने अपने प्रेरणादायक अनुभव एवं व्यावसायिक जीवन से संबंधित महत्वपूर्ण विचार साझा किए। छात्राओं ने विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अपने संघर्ष एवं सफलता की यात्रा से विभाग की छात्राओं को प्रेरित किया।प्रथम वक्त के रूप में नेग्रो की एसोसिएट डायरेक्टर (एचआर) ईशा अरोड़ा ने कॉर्पोरेट क्षेत्र में आठ वर्षों के भीतर छह पदोन्नति प्राप्त करने की अपनी उल्लेखनीय यात्रा साझा की। टेक हायरिंग क्षेत्र की अग्रणी महिलाओं में से एक होने के नाते उन्होंने बताया कि शैक्षणिक अंक महत्वपूर्ण अवश्य हैं, परंतु केवल वही पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने प्रोब फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए सफलता के आधार निरंतरता, प्रभावी संप्रेषण, सुदृढ़ नेटवर्किंग एवं अनुकूलन क्षमता बताया। उन्होंने छात्राओं को शैक्षणिक अध्ययन के अतिरिक्त कौशल विकास पर बल देने एवं उद्योग की बदलती मांगों के अनुरूप स्वयं को तैयार करने की प्रेरणा दी।दूसरे वक्ता के रूप में एचआर प्रोफेशनल एवं डेटा-आधारित रणनीतिकार श्वेता नागपाल ने छात्राओं को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलने तथा निरंतर सीखते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिज्ञासु बने रहना, सहयोगात्मक कार्य करना, डिग्री को आरंभिक चरण मानना, अंतिम लक्ष्य नहीं एवं आत्मविश्वास बनाए रखने पर बल दिया। तीसरे वक्ता के रूप में श्री अरविंदो कॉलेज के वाणिजय विभाग की सहायक प्रोफेसर सीमा नाशियर ने अनुशासन एवं समय प्रबंधन को सफलता की आधारशिला बताया। उन्होंने प्रेरणा से अधिक निरंतरता का महत्व, स्वयं एवं शिक्षकों के प्रति ईमानदारी तथा दीर्घकालिक लक्ष्यों हेतु दैनिक लक्ष्य निर्धारण आदि बिंदुओं पर प्रकाश डाला सीमा ने कहा कि अस्वीकृति एवं असफलता शत्रु नहीं, बल्कि सशक्त शिक्षक हैं। उनके अनुसार स्व-अध्ययन सर्वोत्तम अधिगम का माध्यम है। चौथे वक्ता के रूप में टैलेंट डेवलपमेंट एवं एम्प्लॉयी एक्सपीरियंस विशेषज्ञ तथा इंडिया सीओई प्रिया राव ने नए अवसरों को अपनाने , आवश्यक होने पर करियर में विराम लेने , शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा वह कार्य करना जो वास्तविक संतोष प्रदान करे जैसे बिंदुओं पर बल दिया। उन्होंने छात्राओं को स्मरण कराया कि करियर की सफलता स्वास्थ्य की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। पांचवे वक्ता के रूप में स्पिन्नी के सीनियर एग्जीक्यूटिव अंशिका टोंक ने कहा कि एचआर केवल भर्ती एवं वेतन तक सीमित नहीं है बल्कि संगठनात्मक संस्कृति, सहभागिता एवं नेटवर्किंग व्यवसाय वृद्धि को प्रोत्साहित करती है,उन्होंने कहा कि निरंतरता प्रतिभा से श्रेष्ठ है। अपने वक्तव्य में अंतिम वक्ता के रूप में जीवीएम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के प्रबंधन अध्ययन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल शेरावत दहिया ने प्रभावी संप्रेषण, कौशल विकास एवं तथा विश्लेषणात्मक सोच पर बल दिया। फोटो कैप्शन :- 01 वर्चुअल माध्यम से पूर्व छात्रा मिलन समारोह में संबोधित करते पूर्व छात्रा।