10 सालों में न्यायाधीशों के खिलाफ मिलीं 8,600 से अधिक शिकायतें
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डॉनल्ड ट्रंप से जुड़ी एप्स्टीन फाइल्स गायब
आदर्श शर्मा एएनआई, आईएएनएस, रॉयटर्स | ओंकार सिंह जनौटी डीपीए, एएफपी, एपी
प्रकाशित 23 घंटे पहलेप्रकाशित 23 घंटे पहलेआखिरी अपडेट 15 घंटे पहलेआखिरी अपडेट 15 घंटे पहले
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप पर यौन अपराध का आरोप लगाने वाली एक महिला की गवाही वाली फाइलें गायब हैं. जानिए क्या हैं, 26 फरवरी 2026 की बड़ी सुर्खियां.
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एप्स्टीन फाइल्स से निकली ट्रंप की एक फोटो
तस्वीर: Capital Pictures/picture alliance
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डॉनल्ड ट्रंप से जुड़ी एप्स्टीन फाइल्स गायब
गुरुवार की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने फिर दी ईरान को धमकी
मंत्रियों को किसी समुदाय को निशाना नहीं बनाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
जर्मन कंपनियों में सुस्त पड़ती इको फ्रेंडली विकास की पहल
जापान में लगातार 10वें साल गिरी जन्मदर
मोदी बोले, भारत-इस्राएल व्यापार समझौते पर जल्द बनेगी सहमति को स्किप करें
15 घंटे पहले15 घंटे पहले
मोदी बोले, भारत-इस्राएल व्यापार समझौते पर जल्द बनेगी सहमति
इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ पीएम मोदीइस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा और तेज गति देने पर चर्चा हुईतस्वीर: Ilia Yefimovich/AFP
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि भारत और इस्राएल जल्द ही पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देंगे. उन्होंने टेक और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने के लिए क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप की भी घोषणा की. पीएम मोदी ने कहा कि इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू के साथ बातचीत में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा और तेज गति देने पर भी चर्चा हुई.
नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने गाजा को लेकर भी अपने विचार रखे. उन्होंने कहा, "भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट है कि मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए. गाजा शांति योजना ने शांति का रास्ता दिखाया है. भारत ने ऐसे प्रयासों का समर्थन किया है. भविष्य में भी, भारत सभी देशों के साथ सहयोग और संवाद जारी रखेगा." मोदी ने नेसेट में अपने संबोधन में भी गाजा शांति योजना के प्रति समर्थन जताया था.
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हेट स्पीच मामले में हिमंता बिस्वा सरमा को नोटिस जारी को स्किप करें
16 घंटे पहले16 घंटे पहले
हेट स्पीच मामले में हिमंता बिस्वा सरमा को नोटिस जारी
एक कार्यक्रम में बोलते हुए हिमंता बिस्वा सरमाएक कार्यक्रम में बोलते हुए हिमंता बिस्वा सरमा
हिमंता बिस्वा सरमा ने एक भाषण में कहा था कि मतदाता सूची से “चार से पांच लाख मियां वोटर हटाए जाएंगे”तस्वीर: Prabhakar Mani Tewari/DW
मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित हेट स्पीच देने के मामले में, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को नोटिस जारी किया है. कांग्रेस पार्टी समेत कई याचिकाकर्ताओं ने सरमा के खिलाफ याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने कई भाषणों और एक वीडियो में मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया. याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से सरमा के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.
चीफ जस्टिस आशुतोष कुमार और जस्टिस अरुण देव की बेंच ने विस्तार से याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी और उसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा, असम सरकार और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा. कानूनी खबरों की वेबसाइट बार एंड बेंच के मुताबिक, कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा बताए गए सरमा के भाषणों में "विभाजनकारी प्रवृत्ति" दिखाई देती है.
सरमा के जिन भाषणों पर विवाद है, उनमें 27 जनवरी को दिया वह भाषण भी शामिल है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मतदाता सूची से “चार से पांच लाख मियां वोटर हटाए जाएंगे” और “हिमंता बिस्वा सरमा और बीजेपी, मियां लोगों के सीधे खिलाफ है.” इसके अलावा असम बीजेपी के अकाउंट पर भी एक विवादित वीडियो पोस्ट की गई थी, जिसमें सरमा को मुसलमानों पर निशाना साधते हुए दिखाया गया था. हालांकि विवाद होने के बाद जल्द ही उस वीडियो को हटा दिया गया.
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बिल गेट्स ने एप्स्टीन से रिश्तों को लेकर माफी मांगी को स्किप करें
16 घंटे पहले16 घंटे पहले
बिल गेट्स ने एप्स्टीन से रिश्तों को लेकर माफी मांगी
USA Washington D.C. 2025 | Bill Gates bei Dinner mit Donald Trump im Weißen HausUSA Washington D.C. 2025 | Bill Gates bei Dinner mit Donald Trump im Weißen Haus
तस्वीर: Alex Brandon/AP Photo/picture alliance
अमेरिकी टेक अरबपति बिल गेट्स ने यौन अपराधी जेफ्री एप्स्टीन से रिश्तों को लेकर माफी मांगी है. गेट्स ने अपने गेट्स फाउंडेशन के कर्मचारियों से कहा कि मेरी वजह से सेवार्थ संस्था की छवि धूमिल हुई है. गेट्स ने यह भी कहा कि एप्स्टीन से संबंध बरकरार रखना "एक बहुत बड़ी गलती" थी.
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जनरल के मुताबिक, गेट्स ने स्टाफ के सामने स्वीकार किया कि उनका दो रूसी महिलाओं से अफेयर रहा. साथ ही गेट्स ने कहा, "मैंने कुछ भी अवैध नहीं किया. मैंने कुछ भी अवैध नहीं देखा."
जेफ्री एप्स्टीनजेफ्री एप्स्टीन
अगस्त 2019 में एप्स्टीन ने जेल में आत्महत्या की, हालांकि आत्महत्या की रिपोर्ट पर भी संदेह बरकरार हैतस्वीर: Jon Elswick/AP Photo/picture alliance
माइक्रोसॉफ्ट के सह संस्थापक बिल गेट्स का दावा है कि एप्स्टीन से उनकी दोस्ती 2011 में शुरू हुई और यह सेवार्थ संस्था के कामकाज को लेकर थी. लेकिन दोस्ती की इस शुरुआत से तीन साल पहले ही एप्स्टीन को नाबालिगों की यौन तस्करी का दोषी करार दिया गया था. गेट्स ने कहा कि उन्हें एप्स्टीन पर लगे 18 महीने के प्रतिबंध की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने यौन अपराधी एप्स्टीन का बैकग्राउंड चेक नहीं किया.
बिल गेट्स के मुताबिक, 2013 में उनकी पत्नी मेलिंडा ने भी एप्स्टीन से रिश्तों पर चिंता जताई, लेकिन इसके बावजूद बिल एक और साल तक एप्स्टीन के साथ बने रहे. 2021 में बिल और मेलिंडा गेट्स ने तलाक ले लिया.
एप्स्टीन से संबंधों के चलते गुरुवार को अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री और राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रह चुकीं हिलेरी क्लिंटन को भी अमेरिकी संसद के सामने गवाही देनी है. शुक्रवार को हिलेरी के पति और दो बार अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके बिल क्लिंटन को गवाही देनी है. एप्स्टीन फाइल्स में बिल क्लिंटन का नाम कई बार आया है.
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केन्या के युवाओं को रूसी सेना में भेजने वाला संदिग्ध तस्कर गिरफ्तार को स्किप करें
16 घंटे पहले16 घंटे पहले
केन्या के युवाओं को रूसी सेना में भेजने वाला संदिग्ध तस्कर गिरफ्तार
रूसी सेना के लिए लड़ते हुए मारे गए केन्या के चार्ल्सरूसी सेना के लिए लड़ते हुए मारे गए केन्या के चार्ल्स
रूसी सेना के लिए लड़ते हुए मारे गए केन्या के चार्ल्सतस्वीर: Andrew Kasuku/AP Photo/picture alliance
केन्या की पुलिस ने नौकरी का झूठा वादा कर, युवकों को रूसी सेना के हवाले करने के आरोप में एक शख्स को गिरफ्तार किया है. केन्या की पुलिस के मुताबिक, फेसतुस ओ को इथियोपिया के बॉर्डर के पास गिरफ्तार किया गया. पुलिस के मुताबिक रूस से लौटने के बाद से फेसतुस फरार था.
केन्या की सरकार ने पिछले हफ्ते बताया कि 1,000 से ज्यादा युवाओं को रूसी सेना की तरफ से यूक्रेन में लड़ने के लिए भर्ती किया गया. इनमें से कम से कम 89 केन्याई अब भी लड़ाई के मैदान पर हैं. 39 घायल हुए हैं और 28 लापता है. बाकी घर लौट चुके हैं.
रूस की तरफ से लड़ रहे 20 भारतीयों के लिए चिंतित सरकार
केन्या की संसद में पेश की गई एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक रूस और केन्या के सरकारी अधिकारियों ने फर्जी रोजगार एजेंसियों के जरिए ऐसा किया. राजधानी नैरोबी स्थित रूसी दूतावास ने इन आरोपों का खंडन करते हुए गुरुवार को एक बयान जारी किया. इस बयान में कहा गया कि रूसी दूतावास ने यूक्रेन में लड़ने के लिए किसी को रूस का वीजा नहीं दिया.
केन्या सरकार का कहना है कि विदेश मंत्री मुसालिया मुदावादी जल्द ही रूस जाएंगे और मॉस्को से इस मामले में कड़े कदम उठाने की अपील करेंगे. चार साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध में अब तक भारतीय, नेपाली, बांग्लादेशी और चीनी नागरिकों के भी रूसी सेना के लिए लड़ने की रिपोर्टें आ चुकी हैं.
लालच और फर्जीवाड़े के कारण मौत से सामना
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नेपाल के चुनावों में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का मुद्दा सबसे अहम को स्किप करें
17 घंटे पहले17 घंटे पहले
नेपाल के चुनावों में भ्रष्टाचार और बेरोजगारी का मुद्दा सबसे अहम
नेपाल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते युवानेपाल में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते युवा
नेपाल में बीते साल सोशल मीडिया बैन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो बाद में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गएतस्वीर: Safal Prakash Shrestha/ZUMA/picture alliance
नेपाल में अगले महीने होने वाले संसदीय चुनावों में भ्रष्टाचार के अलावा बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है. वर्ल्ड बैंक के डेटा के मुताबिक, नेपाल में युवा बेरोजगारी दर 20.6 फीसदी है, जो दक्षिणपूर्व एशियाई देशों में सबसे अधिक हैं. राष्ट्रीय श्रमिक महासंघ नेपाल के मुताबिक, हर दिन औसतन करीब 1,500 नेपाली काम के लिए नेपाल से बाहर चले जाते हैं.
युवाओं में लोकप्रिय और पीएम पद के उम्मीदवार बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने वादा किया है कि वे मजबूरन होने वाले प्रवासन को रोकने के लिए 12 लाख नौकरियां पैदा करेंगे. वहीं, देश की सबसे पुरानी नेपाली कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वे अगले पांच सालों में 15 लाख नौकरियां पैदा करेंगे.
नेपाल में 5 मार्च को संसदीय चुनाव होने वाले हैं. इन चुनावों में करीब 1.9 करोड़ लोग वोट डाल सकेंगे. नेपाल की संसद में 275 सीटें हैं, इनमें से 165 सीटों पर सीधे चुनाव होते हैं. वहीं, बाकी सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व के माध्यम से भरी जाती हैं. यानी पार्टियों को उनके वोट शेयर के आधार पर सीटें आवंटित की जाती हैं. इन चुनावों में 60 से अधिक राजनीतिक दल हिस्सा ले रहे हैं.
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ग्रीस को हिलाने वाले जासूसी कांड में दो इस्राएलियों समेत चार को सजा को स्किप करें
17 घंटे पहले17 घंटे पहले
ग्रीस को हिलाने वाले जासूसी कांड में दो इस्राएलियों समेत चार को सजा
साइबर अटैक की प्रतीकात्मक तस्वीरसाइबर अटैक की प्रतीकात्मक तस्वीर
तस्वीर: Alexandre Marchi/dpa/picture alliance
ग्रीस में राजनीतिक भूचाल लाने वाले जासूसी कांड में अदालत ने चार दोषियों को आठ साल की सजा सुनाई है. दोषियों में दो इस्राएली नागरिक हैं. इस जासूसी कांड के चलते 2022 में ग्रीस में राजनीतिक संकट पैदा हो गया. प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस को अपने कई वरिष्ठ अधिकारियों को पद से हटाना पड़ा.
आज भी अनसुलझा है पेगासस पर सबसे बड़ा सवाल
सजा पाने वालों में एक पूर्व इस्राएली सैनिक ताल दिलियान भी शामिल है. दिलियान ने इंटेलेक्सा नाम की कंपनी बनाई. यह कंपनी खास किस्म के स्पाइवेयर सप्लाई करती थी. कंपनी ने ग्रीस में अपने इस सॉफ्टवेयर को प्रीडेटर नाम दिया. इसकी मदद से फोन में सेंध लगाई जा सकती थी और उसमें स्टोर मैसेज और फोटो तक पहुंचा जा सकता था. जासूसी करने वाला यह प्रोग्राम चुपचाप फोन का माइक्रोफोन और कैमरा भी ऑन कर देता था.
मामले तब सामने आया, जब 2022 में ग्रीस के खोजी पत्रकार थानासिस कोउकाकिस को पता चला कि इंटेलिजेंस सर्विस उनका फोन टैप कर रही है. इसके बाद पता चला कि देश में 90 से ज्यादा राजनेताओं, पत्रकारों, कारोबारियों और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के फोन हैक किए गए हैं.
हैकिंग के लिए प्रीडेटर नाम के सॉफ्टवेयर का गैरकानूनी ढंग से इस्तेमाल किया गया. इस कांड के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस को संसद में अविश्वास प्रस्ताव का भी सामना करना पड़ा.
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बाज को शराब पिलाने वाले शख्स को 45 दिन की जेल को स्किप करें
19 घंटे पहले19 घंटे पहले
बाज को शराब पिलाने वाले शख्स को 45 दिन की जेल
सैन फ्रांसिस्को में हॉकसैन फ्रांसिस्को में हॉक
तस्वीर: Carlos Barria/REUTERS
अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत में संरक्षित बाज को शराब पिलाने वाले व्यक्ति को 45 दिन की जेल की सजा दी गई. सेजार गुस्तावो ने एक पार्क में बाज को पकड़ा और फिर उसकी चोंच खोलकर पंछी को शराब पिलाई. इस घटना का वीडियो भी बनाया गया.
वीडियो के वायरल होने के बाद कैलिफोर्निया के फिश एंड वाइल्डलाइफ विभाग ने मामले पर कार्रवाई की. सेजार गुस्ताव पर पशुओं पर क्रूरता की धारा के तहत मुकदमा दर्ज किया गया.
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, अदालत ने सेजार पर 220 डॉलर का जुर्माना भी लगाया. साथ ही उसे सामुदायिक सेवा और पशुओं पर क्रूरता के विरुद्ध एक परामर्श कार्यक्रम में हिस्सा लेने का आदेश भी दिया गया. सेजार पर पांच साल तक किसी भी पशु को रखने और 10 साल तक बंदूक रखने का भी प्रतिबंध लगाया गया है.
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10 सालों में न्यायाधीशों के खिलाफ मिलीं 8,600 से अधिक शिकायतें को स्किप करें
19 घंटे पहले19 घंटे पहले
10 सालों में न्यायाधीशों के खिलाफ मिलीं 8,600 से अधिक शिकायतें
सुप्रीम कोर्ट के गुंबद की तस्वीरसुप्रीम कोर्ट के गुंबद की तस्वीर
सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त जानकारी के आधार पर कानून मंत्रालय ने शिकायतों की संख्या की जानकारी दीतस्वीर: Tsering Topgyal/AP Photo/picture alliance
भारतीय सुप्रीम कोर्ट को बीते 10 सालों में पद पर आसीन न्यायाधीशों के खिलाफ 8,600 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं. कानून मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश किए गए डाटा में यह जानकारी दी गई है. इसके मुताबिक, साल 2025 में 1,102 और 2024 में 1,170 शिकायतें प्राप्त हुईं. वहीं, सबसे कम 518 शिकायतें साल 2020 में प्राप्त हुईं.
लोकसभा में डीएमके सांसद वीएस माथेश्वरन ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्टों के जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुर्व्यवहार या अन्य गंभीर अपराधों की शिकायतों की जानकारी मांगी थी. इसके जवाब में कानून मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त जानकारी के आधार पर शिकायतों की संख्या की जानकारी दी. ये शिकायतें किस प्रकार की थीं, किनके खिलाफ थीं और भ्रष्टाचार की शिकायतें कितनी थीं, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई.
कानून मंत्रालय ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के जजों और हाईकोर्ट के चीफ जस्टिसों के खिलाफ शिकायतें, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजी जाती हैं. वहीं, हाईकोर्ट जजों के खिलाफ शिकायतें, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेजी जाती हैं. प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग के माध्यम से मिली शिकायतें भी मुख्य न्यायाधीशों के पास भेज दी जाती हैं.
साभार DW हिंदी