जहाजपुर में 68 दुकानों की लूट और आगजनी, दो साल बाद भी मुआवज़ा नहीं
रिपोर्ट: एजाज मोहम्मद
जहाजपुर में दो साल पहले असामाजिक तत्वों द्वारा 68 दुकानों में लूटपाट कर उन्हें आग के हवाले करने की घटना के पीड़ित आज भी मुआवज़े और न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं। प्रभावित दुकानदारों का कहना है कि घटना के बाद से उनकी रोज़ी-रोटी पूरी तरह ठप हो गई है और कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
पीड़ितों के अनुसार, प्रशासन ने प्रारंभिक आश्वासन तो दिए, लेकिन अब तक न तो समुचित मुआवज़ा दिया गया है और न ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। दुकानदारों का कहना है कि दो साल बीत जाने के बावजूद केस की प्रगति स्पष्ट नहीं है, जिससे उनमें रोष और निराशा बढ़ती जा रही है।
स्थानीय व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मुआवज़ा जारी किया जाए, दोषियों की गिरफ्तारी हो और पीड़ित परिवारों के पुनर्वास के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए। उनका कहना है कि जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका भरोसा बहाल होना मुश्किल है।
प्रशासन की ओर से इस मामले में अब तक कोई ताज़ा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।