*पठानकोट में पश्चिमी कमान का भव्य अलंकरण एवं सम्मान समारोह आयोजित*
मनोज शर्मा, चंडीगढ़ | भारतीय सेना की भारतीय सेना की पश्चिमी कमान द्वारा अलंकरण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन पंजाब के मामून मिलिटरी स्टेशन स्थित ध्यानचंद स्टेडियम में किया गया। समारोह सैन्य गौरव, आधुनिक युद्ध क्षमता और तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट प्रदर्शन साबित हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिमी कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम ने की। समारोह में सैन्य अधिकारियों, जवानों, उनके परिवारों, सिविल प्रशासन, पुलिस, अर्धसैनिक बलों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समारोह के दौरान विभिन्न सैन्य यूनिटों को उत्कृष्ट सेवा, उल्लेखनीय योगदान एवं पेशेवर दक्षता के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर ने सैनिकों के समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्टता की भावना को और सुदृढ़ किया तथा सैन्य मनोबल को नई ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम में राष्ट्र सुरक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले सैनिकों के साहस और बलिदान को भी स्मरण किया गया, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर तथा ऑपरेशन राहत के दौरान निभाई गई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को रेखांकित किया गया।
समारोह का प्रमुख आकर्षण पश्चिमी कमान की उन्नत परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन रहा, जिसमें सटीक अग्नि-शक्ति, तीव्र बल तैनाती, अग्निशमन क्षमता तथा एकीकृत बहु-क्षेत्र युद्ध संचालन शामिल रहे। इस दौरान भैरव बटालियन द्वारा युद्ध कौशल, सामरिक सटीकता और परिचालन चुस्ती का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
इसके अतिरिक्त स्वदेशी तकनीक आधारित आधुनिक ड्रोन प्रणाली एवं युद्ध क्षेत्र डिजिटलीकरण क्षमता का भी प्रदर्शन किया गया। 100 किलोमीटर से अधिक संचालनीय सीमा वाले ड्रोन ने भविष्य के गहन एवं सटीक सैन्य अभियानों की तैयारियों को प्रदर्शित किया।
सभा को संबोधित करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने कहा कि अलंकरण समारोह वीरता, निस्वार्थ सेवा और सैन्य पेशेवर उत्कृष्टता को सम्मानित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कमान की युद्ध-तैयारी, तकनीकी आधुनिकीकरण, अंतर-एजेंसी समन्वय तथा संयुक्त सैन्य अभियानों की क्षमता पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि पश्चिमी कमान निरंतर प्रशिक्षण, क्षमता विस्तार और परिचालन उत्कृष्टता के माध्यम से राष्ट्र की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम ने भारतीय सेना के उच्च मनोबल, आधुनिक युद्ध कौशल और अटूट राष्ट्रसेवा भावना का प्रभावशाली संदेश दिया।