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ओवरलोड मोरंग वाहनों से दहला असोथर-तीन बड़े हादसे, प्रशासन मौन

फतेहपुर संवाददाता।
बाँदा जनपद के मर्का क्षेत्र स्थित खंड संख्या-3 और 4 से पहलवान ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर संचालित मोरंग खदान अब असोथर नगर पंचायत के लिए अभिशाप बनती जा रही है। खदान से निकलने वाले ओवरलोड मोरंग ट्रक और ट्रैक्टर बेलगाम रफ्तार में कस्बे की सड़कों पर मौत बनकर दौड़ रहे हैं।
दिन हो या रात, असोथर की सड़कें अब आम राहगीरों, स्कूली बच्चों और दुकानदारों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। हर गुजरते ट्रक के साथ लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। स्थानीय लोग घर से निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
हादसों की हैट्रिक से दहला कस्बा
22 फरवरी 2026-
सुबह सिंघुतारा पुलिया के पास मोरंग से लदा ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली धुरा टूटने से अचानक पलट गया। ट्रॉली के पहिए आसमान की ओर हो गए और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि उस समय कोई स्कूली बच्चा या राहगीर वहां मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा तय था।
24 फरवरी 2026-
रात में सुजानपुर स्थित पेट्रोल पंप के सामने तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने एक नेक्सन कार को जोरदार टक्कर मार दी। कार सड़क से नीचे खंती में जा गिरी। एयरबैग खुलने से चालक की जान बच गई, अन्यथा यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
बुधवार भोरपहर (करीब 2 बजे)
बाँदा से मोरंग लेकर आ रहा एक ट्रैक्टर पुत्तू बाबा के डेरा के पास सामने से आ रहे ट्रक की चकाचौंध हेडलाइट से अनियंत्रित हो गया और 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पोल के परखच्चे उड़ गए और ट्रैक्टर नाले में जा धंसा। बड़ा बिजली हादसा टल गया, लेकिन सवाल बरकरार हैं-कब तक।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद खनन विभाग, परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चुप्पी लोगों को खटक रही है।
ओवरलोडिंग पर ठोस कार्रवाई नहीं
तौल कांटों की जांच नहीं
खदान संचालन पर सख्ती नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या प्रशासन किसी बड़े जनसंहार का इंतजार कर रहा है।
ग्रामीणों में आक्रोश
असोथर के ग्रामीणों ने ओवरलोड मोरंग वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध, नियमित चेकिंग और खदान संचालन की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी बड़ी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों का साफ संदेश है-उन्हें आश्वासन नहीं, सुरक्षा चाहिए। वरना असोथर की यह सड़कें कभी भी किसी बड़े हादसे की गवाह बन सकती हैं।

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