2 मार्च को बसों के होंगे पहिए जाम। मध्यप्रदेश सरकार " सुगम परिवहन " नीति के खिलाफ बस आपररेटरों भारी आक्रोश ।
होली के त्योहार से ठीक एक दिन पहले आमजन को करना पड़ सकता है भारी मुश्किलों का सामना । यदि समय रहते नहीं निकला कोई समाधान।
मध्य प्रदेश के परिवहन क्षेत्र में इस समय भारी उबाल है। प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर्स ने सरकार की नई 'सुगम' परिवहन नीति और PPP मॉडल के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। ऑपरेटर्स का स्पष्ट रुख है कि यदि 2 मार्च 2026 से पहले उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं हुआ तो पूरे प्रदेश में बसों के पहिए अनिश्चितकाल के लिए थम जाएंगे
इस पूरे विवाद की जड़ सरकार द्वारा परिवहन सेवाओं में निजी कंपनियों (कॉर्पोरेट) को प्रवेश देने की योजना है। बस मालिकों का तर्क है कि इससे छोटे और मध्यम ऑपरेटर्स का वजूद खत्म हो जाएगा और करीब 10 लाख लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा होगा। वहीं सरकार इसे यात्रियों की सुविधा के लिए जरूरी कदम बता रही है।
वस्तुस्थिति का निचोड़
होली के त्योहार से ठीक पहले इस प्रस्तावित हड़ताल ने लाखों यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है फिलहाल स्थिति 'वेट एंड वॉच' की है—जहाँ एक ओर 14,000 से अधिक बसें सड़क से हटने को तैयार हैं वहीं दूसरी ओर सरकार बातचीत के जरिए बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटी है अगले 72 घंटे यह तय करेंगे कि होली पर प्रदेश की सड़कों पर बसें दौड़ेंगी या सन्नाटा पसरा रहेगा।