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प्रेस विज्ञप्ति डॉ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहन रोड, लखनऊ

प्रेस विज्ञप्ति

डॉ० शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मोहन रोड, लखनऊ के विशेष शिक्षा संकाय,बौद्धिक अक्षमता विभाग के तत्वावधान एवं विभागाध्यक्ष महोदय के मार्गदर्शन में आज राजकीय ममता विद्यालय के संयुक्त सहयोग से “बाल मेला” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विशेष रूप से बौद्धिक अक्षमता एवं अन्य दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखते हुए आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाना तथा बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अपने प्रेरणास्पद संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन दिव्यांग बच्चों को आत्म-अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास एवं सामाजिक सहभागिता का सशक्त अवसर प्रदान करते हैं। यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक पहल है।

बाल मेले के अंतर्गत चित्रकला, रंग भरना, खेल प्रतियोगिताएँ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, हस्तकला प्रदर्शन तथा विविध मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में रचनात्मकता, संप्रेषण कौशल, सामाजिक समायोजन एवं आत्मविश्वास का विकास सुनिश्चित किया गया। बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने पूरे परिसर को उल्लास, ऊर्जा और प्रेरणा से भर दिया।

राजकीय ममता विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती कृष्णावती ने अपने उद्बोधन में कहा कि “बाल मेला जैसे आयोजन विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यवहारिक एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना भी हमारा दायित्व है। प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को सम्मान, सहयोग एवं प्रोत्साहन मिलना चाहिए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से सशक्त रूप से जुड़ सकें।”

कार्यक्रम के दौरान डॉ० जे. कल्याणी एवं दानवीर गौतम ने भी बच्चों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ कार्य करने के अपने शैक्षिक एवं व्यावहारिक अनुभवों को साझा करते हुए बच्चों को निरंतर प्रयास, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुभवपूर्ण विचारों से बच्चों एवं अभिभावकों को विशेष प्रेरणा प्राप्त हुई।

इसी क्रम में नेहा सिंह यादव ने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा, अधिकारों एवं समाज में उनकी सहभागिता को लेकर जागरूकता (Awareness) संदेश प्रस्तुत किया, जिससे अभिभावकों एवं उपस्थित जनसमूह में सकारात्मक समझ एवं संवेदनशीलता का विकास हुआ।

विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों, डी.एड. (विशेष शिक्षा – बौद्धिक अक्षमता) द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं तथा विद्यालय के शिक्षकों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रशिक्षुओं की सक्रिय भागीदारी एवं बच्चों के साथ उनकी आत्मीय सहभागिता ने आयोजन को जीवंत और प्रेरणादायी बना दिया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागी बच्चों को पुरस्कार वितरित किए गए तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त की गईं।

कार्यक्रम संयोजक नेहा सिंह यादव ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, प्रधानाचार्या महोदया, शिक्षकों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण एवं सहयोग से यह “बाल मेला” सफल, प्रेरणादायी एवं स्मरणीय बन सका।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से विभाग के शिक्षक डॉ० जे. कल्याणी, श्रीमती विभा तिवारी, श्रीमती नीलम सिंह, श्री विकास कुशवाहा, श्रीमती चयनिका द्विवेदी, श्री दानवीर गौतम, सुश्री नेहा सिंह यादव तथा ममता विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।

यह आयोजन समावेशी शिक्षा की भावना को सुदृढ़ करने तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

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