*पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग से काफी संख्या में छात्रों का नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण होना विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि- कुलपति*
*पीजी संगीत एवं नाट्य विभाग से काफी संख्या में छात्रों का नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण होना विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि- कुलपति*
*विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग से पहली बार 19 छात्र- छात्राओं तथा एक ने जेआरएफ में उत्तीर्णता प्राप्त किया*
काफी अधिक संख्या में छात्र-छात्राओं का एक विभाग से नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण होना हमारे विश्वविद्यालय की बड़ी उपलब्धि है। यदि यहां के छात्र भी शिक्षकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर कठिन परिश्रम करें तो अवश्य ही नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण कर आसानी से न केवल पीएच डी कर सकेंगे, बल्कि सहायक प्राध्यापक भी बन सकेंगे। उक्त बातें ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रोफेसर संजय कुमार चौधरी ने स्नातकोत्तर संगीत एवं नाट्य विभाग से पहली बार 20 की संख्या में नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण छात्र- छात्राओं ने कुलपति से आशीर्वाद प्राप्त करने उनके कार्यालय आए। उन्होंने कहा कि इन छात्रों की नेट एवं जेआरएफ में सफलता अन्य छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा।
विश्वविद्यालय संगीत एवं नाट्य विभाग की अध्यक्षा प्रो लवण्य कीर्ति सिंह 'काव्या' ने इस सफलता को विभाग की सर्वोच्च उपलब्धि बताते हुए कहा कि हाल ही में दिसंबर- 2025 में आयोजित नेट परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित हुआ है, जिसके अनुसार कुमार गौरव सहित ने जेआरएफ, जबकि प्रियांशु चौधरी, हर्षवर्धन झा, आर्यन भट्ट, सुप्रिया कुमारी, राज नंदिनी, पंकज कुमार रजक, राज रश्मि, राहुल शरण संत, अनु कुमारी, सृष्टि शिवानी, राजनंदिनी कुमारी, रूपा कुमारी, विकास कुमार, शिवरथ दास, नेहा कुमारी, कुंदन कुमार, सुप्रिया कुमारी, खुशबू कुमारी एवं ज्योतिर्मयी ने नेट परीक्षा पास किया। इन्हें अब शोध कार्य के लिए पैट आदि परीक्षा नहीं देनी होगी। छात्र-छात्राओं ने कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर डब्ल्यूआईटी निदेशक प्रो अजयनाथ झा, परीक्षा नियंत्रक डॉ इंसान अली, एनएसएस समन्वयक डॉ आर एन चौरसिया, आईटी प्रभारी डॉ अंकित कुमार, उप कुलसचिव प्रथम डॉ उमाकान्त पासवान, विकास पदाधिकारी डॉ अभिषेक राय, विश्वविद्यालय प्रेस प्रभारी डॉ देवेश कुमार शर्मा, शिक्षक डॉ चंद्रशेखर पासवान, अशरफ मो जमाल अहमद आदि ने भी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।