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महाराष्ट्र में मराठी स्कूलों पर संकट: 255 स्कूल बंद, शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने मानी 'अंग्रेजी' की धमक!

महाराष्ट्र में मातृभाषा मराठी के अस्तित्व और शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि अंग्रेजी माध्यम के प्रति बढ़ते क्रेज के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में 255 मराठी स्कूल बंद हो चुके हैं।
* ​अंग्रेजी के क्रेज ने दी मराठी स्कूलों को मात
​विधान परिषद में अमोल मिटकरी और विक्रम काले द्वारा उठाए गए एक तारांकित प्रश्न का उत्तर देते हुए शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कोंकण, विदर्भ, पश्चिम महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र में मराठी स्कूलों पर ताले लटक गए हैं। इसका मुख्य कारण अभिभावकों का अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की ओर बढ़ता झुकाव है।
* ​2025 में 620 स्कूल बंद होने की चर्चा और सरकार का रुख
​सदन में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या 2025 तक 620 मराठी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया है? विपक्ष ने दावा किया कि इससे 70 गाँवों में 'ना स्कूल, ना स्लेट-पेंसिल' जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी और करीब 25 हजार शिक्षक अतिरिक्त हो जाएंगे।
​हालांकि, मंत्री दादा भुसे ने इन दावों को लिखित उत्तर में खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
​सरकार ने मराठी स्कूल बंद करने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया है।
​25 हजार शिक्षकों के अतिरिक्त होने की बात भी तथ्यहीन है।
​सिंधुदुर्ग में मराठी स्कूलों को बचाने के लिए हुए जन-आंदोलन की बात सच है और सरकार जनभावनाओं से अवगत है।
​मराठी स्कूलों को 'संजीवनी' देने की तैयारी
​शिक्षा मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार मराठी स्कूलों की स्थिति सुधारने और छात्रों की संख्या (पटसंख्या) बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कई विशेष योजनाओं पर काम किया जा रहा है:
* ​नि:शुल्क सुविधाएं:
पहली से आठवीं तक के छात्रों को मुफ्त किताबें, गणवेश (यूनिफॉर्म), मोजे और जूते।
​पोषण: प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत मिड-डे मील।
​आधुनिक प्रोजेक्ट: पीएम-श्री योजना, स्टार्स (STARS) प्रोजेक्ट और 'माझी मराठी, सुंदर शाळा' अभियान।
​गुणवत्ता: निपुण महाराष्ट्र अभियान और शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम।
​"अभिभावकों का रुझान भले ही बदला हो, लेकिन सरकार मराठी स्कूलों के अस्तित्व को बचाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।"

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