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उधवा में पेसा मोबलाईजर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, ग्राम सभा और वन संसाधन प्रबंधन पर दिया गया जोर

उधवा में तीन दिवसीय PESA मोबलाईजर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ, ग्राम सभा और वन संसाधन प्रबंधन पर दी विस्तृत जानकारी
Udhwa प्रखंड कार्यालय में सोमवार को तीन दिवसीय PESA मोबलाईजर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्धोष दीप प्रज्वलित कर किया गया और इसे प्रखंड समन्वयक, कार्यक्रम प्रबंधक तथा मास्टर ट्रेनर्स के संयुक्त निर्देशन में शुरू किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य PESA (Panchayats Extension to Scheduled Areas) Act)
कानून के बारे में स्थानीय प्रतिनिधियों, मोबलाईजर्स और पंचायत सचिवों को विस्तृत रूप से जानकारी देना तथा ग्राम सभा के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।

क्या है PESA कानून?

PESA कानून का लक्ष्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को अधिक स्वायत्तता देना और उन्हें अपने क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों — जैसे जंगल, जल, जंगल उत्पाद — के प्रबंधन में अधिकार प्रदान करना है। इस कानून के तहत ग्राम सभा को पंचायत से पहले निर्णय लेने का अधिकार होता है, विशेषकर विकास योजनाओं और संसाधन उपयोग के मामलों में।

प्रशिक्षण में मुख्य विषय

कार्यक्रम में विभिन्‍न सत्रों के माध्यम से मोबलाईजर्स को निम्नलिखित विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया:

✔️ ग्राम सभा के अधिकार और कर्तव्य
विशेष रूप से यह बताया गया कि किस प्रकार ग्राम सभा स्थानीय समस्याओं का समाधान कर सकती है और योजनाओं पर निर्णय ले सकती है।

✔️ PESA के प्रावधान
कानून के तहत होने वाले फैसलों, स्थानीय स्वशासन और पारदर्शी प्रशासन की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

✔️ वन संसाधन प्रबंधन
स्थानीय स्तर पर जंगलों, जल स्रोतों और वन उत्पादों के संरक्षण तथा इनके सतत उपयोग के उपाय समझाए गए
स्थानीय भागीदारी और निर्णय प्रक्रिया
समुदाय के सदस्यों को योजनाओं और विकास कार्यों में शामिल करते हुए बेहतर निर्णय लेने के तरीकों पर जोर दिया गया।

प्रशिक्षण में शामिल प्रमुख प्रतिनिधि

कार्यक्रम में प्रखंड समन्वयक विनोद मरांडी, पंचायत सचिव मोनिका मुर्मू तथा कई मोबलाईजर्स और पंचायत प्रतिनिधि शामिल हुए। अन्य प्रतिभागियों में सेलीम अख्तर, दिपक कुमार शर्मा, पवन कुमार मंडल, मोहम्मद जसीमुद्दीन, फिरोज आलम, नाइम आलम, खालिदा खातून, संजय टुडू आदि नाम शामिल रहे।

प्रशिक्षण सत्र में सभी प्रतिनिधियों को PESA कानून के महत्व, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और ग्राम सभा के निर्णय प्रक्रियाओं पर प्रश्न पूछने तथा अनुभव साझा करने
की अनुमति दी गई, जिससे सभी को व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हो।

अन्य निर्देश

प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड शिक्षा परियोजना के दिशा-निर्देशों के तहत बताया गया कि प्रखंड में लगभग 100 स्कूलों को उल्लास ऐप में सर्वे डाटा को शीघ्र अपलोड करना है। प्रधानाचार्यों को इस कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया।


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मो सैफुल्लाह अंसारी
जिला सदस्य - मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन साहिबगंज एवं
सदस्य - ऑल इंडिया मीडिया एसोसिएशन साहिबगंज झारखंड

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