पन्ना जिले की शाह नगर जनपद परिसर में 11 हजार की रिश्वत लेते सरपंच रंगे हाथों पकड़ा, लोकायुक्त की ट्रैप कार्रवाई से सनसनी*
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कटनी, : मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर जनपद पंचायत परिसर में आज दोपहर भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का एक और नजारा देखने को मिला। ग्राम पंचायत चौपरा के सरपंच को कुआं निर्माण की स्वीकृति और भुगतान सुनिश्चित करने के एवज में 11 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग भ्रष्टाचार विरोधी अभियान की तारीफ करने लगे।
लोकायुक्त सागर कार्यालय की सात सदस्यीय टीम ने यह कार्रवाई दोपहर करीब 1 बजे अंजाम दी। पीड़ित ग्रामीण नंदलाल सिंह राठौर ने सरपंच पर कुआं निर्माण कार्य की मंजूरी और पहली किस्त के भुगतान के बदले कुल 11 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। नंदलाल ने इसकी शिकायत सागर लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज कराई, जिसके बाद टीम ने गहन जांच के बाद ट्रैप की योजना बनाई।
ट्रैप के तहत सरपंच ने नंदलाल को जनपद पंचायत परिसर में बुलाया और पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये की मांग की। जैसे ही सरपंच ने बरगद के पेड़ के पास नोट सौंपे गए, लोकायुक्त टीम ने छिपकर घेराबंदी कर ली। मौके पर ही नोटों का केमिकल टेस्ट किया गया, जिसमें रिश्वत की पुष्टि हो गई। राशि जब्त कर सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और सराहना का मिश्रण
कार्रवाई के दौरान जनपद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और अधिकारी जमा हो गए। एक स्थानीय निवासी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "सरपंच विकास कार्यों के नाम पर ग्रामीणों का शोषण कर रहे थे। लोकायुक्त की यह कार्रवाई भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का मजबूत संदेश है। ऐसी ट्रैप कार्रवाइयां लगातार जारी रहनी चाहिए।"
लोकायुक्त सागर के एक अधिकारी ने संक्षिप्त टिप्पणी में कहा, "हम भ्रष्टाचार के किसी भी रूप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पंचायती राज व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हमारी टीमें सतर्क मोड में हैं।"
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंचों द्वारा विकास योजनाओं के बहाने रिश्वत लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयां न केवल दोषियों को सजा दिलाती हैं, बल्कि आम नागरिकों में शिकायत दर्ज कराने का हौसला भी जगाती हैं। कटनी जिला प्रशासन ने इस मामले में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।