साइबर ठगी का बढ़ता खतरा – लोगों को रहना
पंजाब में साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी,
ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत
साइबर ठगी का बढ़ता खतरा – लोगों को रहना होगा सतर्क
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पंजाब में साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी, पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
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ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए लोगों को जागरूक रहने की जरूरत
पंजाब में पिछले कुछ समय से साइबर अपराध के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह नए-नए तरीके अपनाकर आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर कॉल की जाती है, तो कभी केवाईसी अपडेट या लॉटरी जीतने का लालच दिया जाता है। कई मामलों में लोगों से ओटीपी, बैंक डिटेल या यूपीआई पिन हासिल कर उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, साइबर ठग सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप, ईमेल और फर्जी वेबसाइटों के जरिए लोगों तक पहुंच रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण लोग जल्दी झांसे में आ जाते हैं। कई पीड़ितों ने लाखों रुपये गंवा दिए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से आए कॉल पर अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। बैंक या सरकारी संस्था कभी भी फोन पर ओटीपी या पासवर्ड नहीं मांगती। अगर कोई संदिग्ध लिंक मिले तो उस पर क्लिक करने से बचें।
पुलिस विभाग ने लोगों से अपील की है कि ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी ही जल्दी कार्रवाई संभव है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय सुरक्षा (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) और नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट की जांच करना बेहद जरूरी है।