प्रयागराज STF ने 50 हजार के इनामी गौ-तस्कर को पकड़ा:दिल्ली-बंगाल तक फैला था नेटवर्क
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की प्रयागराज टीम ने 50,000 रुपये के इनामी गौ-तस्कर पृथ्वीपाल सरोज को प्रतापगढ़ जिले से गिरफ्तार किया है। पृथ्वीपाल चन्दौली के थाना सैय्यदराजा से वांछित था। उस पर गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
एसटीएफ को लंबे समय से फरार और इनामी अपराधियों के सक्रिय होने की सूचनाएं मिल रही थीं। इसी क्रम में, एसटीएफ प्रयागराज के पुलिस उपाधीक्षक शैलेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक टीम सूचनाएं जुटा रही थी।
सोमवार, 23 फरवरी को एसटीएफ को सटीक जानकारी मिली कि पृथ्वीपाल सरोज, जो प्रतापगढ़ के थाना कोहडौर का मूल निवासी है, ग्राम नेवादा में अपने एक रिश्तेदार से मिलने जाएगा। इस सूचना पर टीम ने प्रतापगढ़-पट्टी मार्ग पर दीवानगंज बाजार के पास घेराबंदी की और दोपहर करीब 2:00 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में पृथ्वीपाल ने बताया कि वह पहले दिल्ली में एक मोमबत्ती बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। सेवानिवृत्ति के बाद उसने बैंक से फाइनेंस कराकर अपने नाम पर एक डीसीएम (UP-72-BT-3439) खरीदी थी।
उसकी डीसीएम का संचालन उसका बेटा राजकुमार सरोज करता था। जब बैंक की किस्तें समय पर जमा नहीं हो पा रही थीं, तो आर्थिक तंगी से बचने के लिए पृथ्वीपाल ने अपनी गाड़ी बिहार के भभुआ निवासी संदीप शर्मा को किराए पर दे दी। संदीप शर्मा एक संगठित गौ-तस्करी गिरोह चलाता है, जो इटावा और प्रयागराज के जंगलों से पशुओं को पकड़कर बिहार के रास्ते पश्चिम बंगाल तक सप्लाई करता है।
कुछ साल पहले, चन्दौली पुलिस ने संदीप शर्मा के गिरोह को दो डीसीएम के साथ पकड़ा था। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में गोवंश बरामद हुए थे। पकड़े गए वाहनों में से एक पृथ्वीपाल सरोज की थी। तभी से वह पुलिस की पकड़ से दूर था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाना सैय्यदराजा (चन्दौली) पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जहाँ उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।