सही न्याय
🚨💥अचलखेड़ा का न्याय: फौजी पिता ने बेटी के अपमान का लिया 'रणक्षेत्र' जैसा बदला! see more.....
🔸लखनऊ क्राइम डेस्क: उत्तर प्रदेश के अचलखेड़ा गांव से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने न्याय और प्रतिशोध की नई परिभाषा लिख दी है। एक रिटायर्ड फौजी, जिसने सालों तक सरहद की रक्षा की, उसे अपने ही गांव में अपनी बेटी के सम्मान के लिए 'अंतिम युद्ध' लड़ना पड़ा।
🔹फ्लैशबैक: दंगल से शुरू हुई रंजिश
घटना की जड़ें 2 जनवरी 2026 के उस दंगल में छिपी हैं, जहाँ फौजी पंकज राम की 18 वर्षीय बेटी काजल ने अपनी कुश्ती से पूरे गांव का दिल जीत लिया था। काजल की इसी जांबाजी और खूबसूरती ने गांव के दबंग और नशेड़ी युवक रघु की आंखों में खटक पैदा कर दी थी।
🔸विवाद का मुख्य कारण
5 जनवरी: रघु और उसका साथी रजनीश, काजल के खेत के ट्यूबवेल पर अनैतिक गतिविधियां कर रहे थे।
काजल का साहस: निडर काजल ने न केवल उन्हें वहां से खदेड़ा, बल्कि उनके गलत कामों का कड़ा विरोध किया।
धमकी: अपनी हार और अपमान से तिलमिलाए रघु ने सरेआम काजल को 'देख लेने' की धमकी दी थी।
🔹कावड़ यात्रा और विश्वासघात
जब काजल पूरी श्रद्धा के साथ कावड़ यात्रा पर निकली, तो उसे अंदाजा नहीं था कि भक्ति के इस मार्ग पर अधर्म उसका पीछा कर रहा है। रघु और उसके साथियों ने साजिश रचकर इस पवित्र यात्रा के दौरान काजल के साथ विश्वासघात और अभद्रता की सीमाएं लांघ दीं।
💥🚨पिता का 'इतिहास' रचने वाला फैसला
जब एक फौजी पिता को पता चला कि उसकी शेरनी जैसी बेटी के साथ गलत हुआ है, तो उन्होंने कानून के लंबे इंतजार के बजाय खुद 'ऑन-द-स्पॉट' इंसाफ की राह चुनी। पंकज राम ने अपनी सैन्य ट्रेनिंग और अदम्य साहस का परिचय देते हुए आरोपियों को वह सबक सिखाया, जिसकी चर्चा आज पूरे उत्तर प्रदेश में हो रही है। गांव वालों का कहना है कि "फौजी ने आज साबित कर दिया कि एक पिता अपनी बेटी के लिए काल भी बन सकता है।"