उत्तराखंड देहरादून,बिल्डर का मास्टर फर्जीवाड़ा प्लान,डीएम के निर्देश पर मुंबई के चार बिल्डरों पर मुकदमा,फर्जीवाड़ा से कुर्क फ्लैट्सको पहले ही बेच डाला
उत्तराखंड देहरादून: बिल्डर का 'मास्टर' फर्जीवाड़ा! कुर्क हुए फ्लैट्स को पहले ही बेच डाला, D M के निर्देश पर मुंबई के बिल्डरों समेत 4 पर मुकदमा
👉देहरादून (21 फरवरी): राजधानी में धोखाधड़ी का एक ऐसा मामला सामने आया या है जिसने जिला प्रशासन को भी हैरान कर दिया है। कैनाल रोड स्थित मैसर्स क्वींसटन रियलिटी प्रोजेक्ट्स एलएलपी के बिल्डर और उनके प्रतिनिधियों ने प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर कुर्क किए हुए फ्लैट्स की दोबारा नीलामी करवा दी।
👉क्या है पूरा खेल?
बिल्डर पर जीएसटी (GST) का भारी बकाया था। इसे वसूलने के लिए तहसीलदार सदर ने बिल्डर के दो फ्लैट्स (नंबर 303 और 403) को कुर्क किया और 5 जनवरी 2026 को इनकी नीलामी कर दी। लेकिन असली ट्विस्ट नीलामी के बाद आया!
👉 2022 में ही बिक चुके थे फ्लैट्स:
जांच में खुलासा हुआ कि जिन फ्लैट्स को प्रशासन ने नीलाम किया, उन्हें बिल्डर मई 2022 में ही किसी और को बेच चुका था। इतना ही नहीं, ये फ्लैट बैंक में बंधक (Mortgage) भी थे। बिल्डर ने यह सच्चाई छिपाई और प्रशासन को अंधेरे में रखकर पूरी नीलामी प्रक्रिया होने दी।
👉इन पर दर्ज हुआ मुकदमा (FIR):
जिलाधिकारी सविन बंसल के कड़े रुख के बाद राजपुर थाने में इन नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है:
👉कर्मवीर सिंह (निवासी: मुंबई, महाराष्ट्र)
👉आशीष राजेंद्र गर्ग (निवासी: मुंबई, महाराष्ट्र)
👉राजपुरोहित विक्रम सिंह (निवासी: गुजरात)
अजय (स्थानीय प्रतिनिधि, कैनाल रोड, देहरादून)
👉प्रशासन की चेतावनी:
सरकारी प्रक्रिया में बाधा डालने और धोखाधड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस खेल में और कौन-कौन शामिल है