डीडवाना में बाल विवाह मुक्ति रथ रवाना: लोगों को बाल विवाह की कुप्रथा और उसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेगा
डीडवाना जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्ट्रेट परिसर, डीडवाना से 'बाल विवाह मुक्ति रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान 'बाल विवाह मुक्त भारत अभियान' के तहत संचालित किया जा रहा है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर मोहनलाल खटनावलिया और पुलिस उप अधीक्षक जेठूसिंह ने संयुक्त रूप से रथ को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और राजस्थान महिला कल्याण मंडल की टीम मौजूद रही।
यह जागरूकता अभियान 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस (JRCA)' के सहयोग से चलाया जा रहा है। रथ डीडवाना-कुचामन जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर आमजन, विशेषकर अभिभावकों और युवाओं को बाल विवाह की कुप्रथा और उसके दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करेगा।
अभियान के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसमें कम उम्र में विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला जाएगा। गांव-गांव में संवाद कार्यक्रम, पंपलेट वितरण और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को जागरूक किया जाएगा।
संस्थान की जिला समन्वयक गरिमा सिंह राठौड़ ने बताया कि अभियान का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं है, बल्कि समुदाय को बाल विवाह की सूचना समय रहते प्रशासन को देने के लिए प्रेरित करना भी है, ताकि प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में सक्रिय सहयोग करें। किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का आग्रह किया गया है।
इस अवसर पर संस्था के रेस्क्यू एवं रिहैबिलिटेशन कोऑर्डिनेटर कृष्ण कांत व्यास, घनश्याम, फील्ड कोऑर्डिनेटर मुकेश, बनवारी लाल और ममता सहित पुलिस प्रशासन के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
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