चित्रकूट में गुटखा माफिया का तांडव: ₹1.50 का पाउच ₹5 में, प्रशासन मौन!
चित्रकूट। धर्मनगरी चित्रकूट में इन दिनों गुटखा और तंबाकू उत्पादों की कालाबाजारी का एक बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय है। जिले के शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक, उपभोक्ताओं से खुलेआम लूट की जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि जिस उत्पाद पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) ₹1.50 या 5 रुपये अंकित है, उसे दुकानदार 300% तक के ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
सरकारी तंत्र पर सवाल
हैरानी की बात यह है कि जिले में तैनात विपणन (Marketing) और बाट-माप अधिकारी इस खुली लूट से पूरी तरह बेखबर नजर आ रहे हैं। क्या यह अधिकारियों की लापरवाही है या फिर पर्दे के पीछे कोई बड़ी 'सेटिंग' चल रही है? जनता के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों से बाहर निकलकर बाजारों का निरीक्षण क्यों नहीं कर रहे।
संगठित अवैध कारोबार
यह मामला केवल एक या दो फुटकर दुकानों तक सीमित नहीं है। सूत्रों की मानें तो यह करोड़ों रुपये का एक संगठित अवैध कारोबार है। थोक विक्रेताओं से लेकर फुटकर व्यापारियों तक, रेट की एक ऐसी चैन बनाई गई है जिससे आम आदमी को हर पाउच पर 3 से 5 रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ रहे हैं।
₹1.50 का पाउच: ₹4 से ₹5 में बिक्री।
₹5.00 का पाउच: सीधा ₹10 में बेचा जा रहा।
जनता की मांग
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन मुनाफाखोरों पर छापेमारी कर सख्त कार्रवाई नहीं की, तो यह अवैध कारोबार और भी फलने-फूलने लगेगा। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर क्या रुख अपनाते हैं।