प्रधानमंत्री जी को संघ से सीधे जोड़ कर देखना उचित नहीं है।
विश्व के पांचों महाद्वीपों से लोग संघ की गतिविधियों का अध्ययन करने आते हैं और इसके कार्यों को लेकर जिज्ञासाएं प्रकट करते हैं।संघ का कार्य किसी न किसी प्रतिस्पर्धा के परिणामस्वरूप शुरू हुआ और न ही किसी अन्य संगठन के विरोध में।संघ की तुलना अक्सर अन्य संगठनों संस्थानों या राजनीतिक दलों से कर दी जाती है, जिससे अनेक बार भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है।संघ में स्वयंसेवकों को शारीरिक प्रशिक्षण के अंतर्गत लाठी चलाना सिखाया जाता है, लेकिन संघ न तो सैन्य संगठन है और न ही कुश्ती का अखाड़ा। यहां भारतीय परम्परा पर आधारित गीत, संगीत, अनुशासन और संस्कारों के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण तथा सामाजिक समरसता पर बल दिया जाता है। इतिहास का उल्लेख करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि अंग्रेजों ने कांग्रेस की स्थापना एक, सुरक्षा वाल्व ,के रूप में की थी, लेकिन भारतीयों ने उसे स्वतंत्रता संग्राम का सशक्त माध्यम बना दिया।इसी प्रकार संघ भी समाज के भीतर सकारात्मक और रचनात्मक परिवर्तन के लिए सतत् प्रयास रत है।