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सी एल गुप्ता नेत्र संस्थान में डायबीटिक रेटिनोपैथी की मास्टर क्लास कॉन्फ्रेंस का किया गया आयोजन।

मुरादाबाद न्यूज। सी एल गुप्ता नेत्र संस्थान में डायबीटिक रेटिनोपैथी की मास्टर क्लास कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
यह कॉन्फ्रेंस डायबीटिक रेटिनोपैथी के क्षेत्र में सी एल गुप्ता नेत्र संस्थान द्वारा किया गया पहला प्रयास है, जिसमें नेत्र चिकित्सकों एवं पोस्ट ग्रेजुएट विद्यार्थियों को डायबीटिक रेटिनोपैथी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की वाइस चेयरपर्सन डॉक्टर आशी खुराना एवं ग्लूकोमा नेत्र चिकित्सक डॉ मुकेश ने दीप प्रज्वलन करके किया।
डॉक्टर रवनीत कौर ने डायबीटिक रेटिनोपैथी क्या है और इसे समझने के लिए इसके लक्षणों के ऊपर चर्चा की।
डॉक्टर इशा आचार्य के द्वारा डायबीटिक रेटिनोपैथी में होने वाली जांचों तथा उन जांचों को मॉनिटर करने की भूमिका पर प्रकाश डाला गया डॉ रोहन कपूर के द्वारा लेजर की तकनीक के बारे में जानकारी दी गई, उन्होंने बताया कि शुगर की वजह से आंख का पर्दा खराब हो जाता है अथवा उसमें सूजन आ जाती है जिसके लिए लेजर प्रक्रिया के माध्यम से आंख में लेंस लगाकर लेजर के माध्यम से पर्दे में हुए छेद एवं अन्य बीमारी का उपचार किया जा सकता है।
डॉक्टर रूहीन सिद्दीकी ने आंख में लगाए जाने वाले आईवी इंजेक्शन और डायबिटिक ट्रैक टॉमी सर्जरी के बारे में बात की
उन्होंने बताया कि जनसाधारण को यह सोचकर घबराहट होती है की आंख में इंजेक्शन बहुत ही पेनफुल प्रक्रिया है परंतु यह सेफ होने के साथ-साथ एक आसान प्रक्रिया भी है।
जिसके माध्यम से आंख के पर्दे पर बढ़ रही सूजन को रोका जा सकता है।
यदि हम प्रारंभिक स्तर पर डायबीटिक रेटिनोपैथी को पकड़ कर आई वी इंजेक्शंस के माध्यम से उसका उपचार शुरू करें तो इस बीमारी से लड़ना आसान है।
लोकेश चौहान ने सी एल गुप्ता नेत्र संस्थान के टेली मेडिसिन के मॉड्यूल को विस्तार में बताते हुए कहा कि डायबीटिक रेटिनोपैथी को कम्युनिटी में ढूंढ कर, उसके उपचार के लिए एक बेहतर विकल्प के रूप में देखा जा सकता है संस्थान के फेलो डॉक्टर डॉक्टर हिमांशु, डॉक्टर अंजु, डॉक्टर सिदरा आदि ने केस स्टोरी के माध्यम से डायबीटिक रेटिनोपैथी को आसानी से समझने में अपनी भूमिका निभाई
मुरादाबाद के नेत्र विशेषज्ञों ने अपनी मौजूदगी से इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बनाया एवं डायबीटिक रेटिनोपैथी के क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं एवं उनके निदान पर बात करी
इस कांफ्रेंस की खास बात यह थी कि इसमें रेटिना लेजर,आई वी इंजेक्शन, ओ सी टी, बी स्कैन पर चर्चा की गई।
प्रत्यक्ष अभ्यास- handson के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया
इस कार्यक्रम में फनी कृष्णा, राजकुमार,तस्लीम,शोएब, बिलाल, शर्मिंदर, अनिल सपरा, सुमित सहाय,गरिमा सिंह आदि का विशेष योगदान रहा।
संस्थान के डायरेक्टर डॉक्टर प्रदीप अग्रवाल ने आए हुए सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद अर्पित किया।
आइमा मीडिया संवाददाता प्रेम मसीह

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