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विकासखंड पहाड़ी ब्लॉक में सचिव पर लापरवाही और घोटाले के गंभीर आरोप

पडरी (मिर्जापुर )।- जिले के विकासखंड पहाड़ी में तैनात सचिव मनोज कुमार बिंद एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं। उन पर सरकारी अभिलेखों में गंभीर त्रुटियां करने और विकास कार्यों में अनियमितताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही अब आम बात हो चुकी है और जिम्मेदार अधिकारी जवाबदेही से बच रहे हैं।
मृत्यु तिथि में चौंकाने वाला विरोधाभास

मामला विधवा काजल पटेल के पति विक्रम पटेल के मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ा है, जहां सरकारी दस्तावेज़ों में स्पष्ट अंतर सामने आया है—

मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु तिथि 12 जुलाई दर्ज।

परिवार रजिस्टर की नकल में मृत्यु तिथि 21 जुलाई अंकित।
दो अलग-अलग सरकारी अभिलेखों में दर्ज यह अंतर न केवल गंभीर लापरवाही दर्शाता है, बल्कि रिकॉर्ड प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की त्रुटि साधारण भूल नहीं मानी जा सकती, क्योंकि मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज़ कई सरकारी योजनाओं और कानूनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विकास कार्यों पर भी उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पहाड़ी ब्लॉक क्षेत्र में कई विकास कार्यों में भी गड़बड़ी हुई है नल मरम्मत कार्य बिना स्पष्ट भुगतान प्रक्रिया के पूर्ण दर्शाए गए।
इंटरलॉकिंग ईंट कार्य में लागत और गुणवत्ता को लेकर संदेह।
आरसीसी निर्माण कार्यों में संभावित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन कार्यों का भौतिक सत्यापन और वित्तीय ऑडिट कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि—
मृत्यु तिथि के विरोधाभास की तत्काल जांच हो।
संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
विकास कार्यों का स्वतंत्र निरीक्षण कराया जाए।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो प्रशासन पर जनता का भरोसा कमजोर होगा। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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