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जिला उद्योग केंद्र, सहारसा में *प्रधानमंत्री रोजगार सृजन (PMEGP) कार्यक्रम*सम्पन्न

**सहरसा, 21 फरवरी 2026:**
जिला उद्योग केंद्र, सहारसा में *प्रधानमंत्री रोजगार सृजन (PMEGP) कार्यक्रम* के अंतर्गत भौतिक सत्यापन हेतु बैंकर्स समीक्षा बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन **खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (KVIC)**, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया गया। बैठक का उद्देश्य स्वरोजगार योजनाओं की प्रगति की समीक्षा, पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करना रहा।
बैठक का संचालन आयोजक एकाउंटेंट **श्री गोपाल कुमार सिंह** ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि *“पीएमईजीपी केवल एक योजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम है। पारदर्शी सत्यापन और बैंकिंग सहयोग से हम अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचा सकते हैं।”*
सहारसा जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक **श्री मुकेश कुमार** ने कहा कि जिले में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बैंकर्स और विभागीय अधिकारियों से समन्वय बढ़ाने पर बल देते हुए कहा, *“नवाचार आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देकर हम स्थानीय संसाधनों को उद्योग में बदल सकते हैं और युवाओं को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।”*
बैंकिंग सहयोग और मार्गदर्शन
एल.डी.एम. सर **श्री राजकुमार कर्माकर** ने सभी सहयोगी बैंकों को निर्देशित करते हुए कहा कि पीएमईजीपी के अंतर्गत प्राप्त प्रस्तावों का त्वरित निष्पादन और समयबद्ध ऋण स्वीकृति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा, *“जब बैंक और उद्योग विभाग एक टीम की तरह कार्य करते हैं, तब विकास की गति कई गुना बढ़ जाती है।”*बैठक में उपस्थित सहयोगी बैंकरों ने भी स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रतिबद्धता जताई।
पोस्टल विभाग की इनवेस्टिगेशन टीम का नवाचार संदेश पोस्टल विभाग की इनवेस्टिगेशन टीम के **नवीन कुमार टोपनो**, **सुमन कुमार** एवं **नीरज पाण्डेय** ने भौतिक सत्यापन प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि *“सही लाभार्थी तक योजना का लाभ पहुँचना ही हमारी प्राथमिकता है। डिजिटल ट्रैकिंग और आधुनिक जांच प्रणाली से योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।”*
उन्होंने नवाचार आधारित उद्यमों—जैसे ग्रामीण हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण, जैविक उत्पाद एवं स्थानीय संसाधनों पर आधारित सूक्ष्म उद्योग—को विशेष प्रोत्साहन देने की आवश्यकता बताई।
बैठक में यह स्पष्ट हुआ कि पीएमईजीपी योजना सहारसा जिले में आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बैंकिंग सहयोग, विभागीय समन्वय और पारदर्शी सत्यापन प्रणाली के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा मिलेगा तथा अधिकाधिक युवाओं को उद्यम स्थापित करने का अवसर प्राप्त होगा।
यह समीक्षा बैठक न केवल प्रशासनिक औपचारिकता रही, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक प्रभावी कदम सिद्ध हुई।
समाचार
नवीन कुमार टोपनो

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